महाराष्ट्र-झारखंड के बाद क्या बिहार की बारी, विपक्ष का दावा- टूट जाएगा NDA

महाराष्ट्र-झारखंड के बाद क्या बिहार की बारी, विपक्ष का दावा- टूट जाएगा NDA

विपक्ष ने दावा किया है बिहार में भी एनडीए गठबंधन टूट जाएगा. बीजेपी और जेडीयू ने विपक्ष के इस दावे खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष को सपने नहीं देखने चाहिए.   

महाराष्ट्र-झारखंड के बाद क्या बिहार की बारी, विपक्ष का दावा- टूट जाएगा NDA

पटना: एनडीए में शामिल क्षेत्रीय पार्टियों के द्वारा बीजेपी का साथ छोड़ने को लेकर बिहार में राजनीति तेज हो गई है. विपक्ष ने दावा किया है बिहार में भी एनडीए गठबंधन टूट जाएगा. बीजेपी और जेडीयू ने विपक्ष के इस दावे खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष को सपने नहीं देखने चाहिए.   

महाराष्ट्र में चुनाव साथ लड़ने और परिणाम आने के बाद अपने शर्तो पर सरकार बनाने के लिए शिवसेना बीजेपी से अलग हुई थी. झारखंड में हो रहे विधानसभा चुनाव में सीटों को लेकर एनडीए में कुछ ठीक नहीं चल रहा है. आजसू भी बीजेपी से अपनी अलग राह करने के मूड में है जिसको लेकर विपक्षी पार्टिया अब बिहार में भी एनडीए गठबंधन को टूटने का दावा कर रही है.

वहीं, कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौर ने कहा है कि बिहार में बीजेपी के सहयोगी नीतीश कुमार ने दूसरे राज्यों में बीजेपी से नाता तोड़ लिया है. बिहार की स्थिति महाराष्ट्र और झारखंड की तरह है. बीजेपी के नेता नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री मानने को तैयार नहीं हैं.

बीजेपी के सहयोगी दल को साथ छोड़ने को लेकर आरजेडी के विधायक राहुल तिवारी ने कहा कि अमित शाह का रवैया है कि बीजेपी सभी जगह सत्ता में आए. वहीं, बिहार में जेडीयू और बीजेपी नेताओ में काफी मतभेद है. 

विपक्ष के द्वारा दूसरे राज्यों के साथ बिहार में भी महागठबंधन में दरार आने को लेकर दिए गए बयान पर बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद ने पलटवार किया और कहा कि बीजेपी संगठन और विचारधारा की बुनियाद पर राजनीति करती है. एनडीए गठबंधन के जितने भी सहयोगी हैं उनका बीजेपी सम्मान करती है महाराष्ट्र और झारखंड में अति महत्वाकांक्षा को लेकर सहयोगी अलग हुए हैं. बिहार की स्थिति ठीक है. नीतीश कुमार के नेतृत्व में बेहतर सरकार चल रही है. विपक्ष दिन में सपने देख रहा है.  

गठबंधन को लेकर विपक्ष के द्वारा दिए गए बयान पर जेडयू ने एक तरह से बीजेपी का समर्थन किया है. पार्टी के प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा है कि यह बिल्कुल साफ है कि जो स्थितियां दूसरे राज्यो में है उसके  मुकाबले बिहार में गठबंधन मजबूत है. बीजेपी से जेडीयू का गठबंधन पहले भी 17 सालों तक रहा है. बिहार में एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम कर रहा है. 2019 के कामयाबी को दोहराने के लिए 2020 के लिए हम जुटे हुए हैं. बिहार का गठबंधन रोल मॉडल है सीटों को लेकर चुनाव करीब आएगा तभी बातें होंगी. दोनों दलों के बड़े नेता सीटों का हल निकाल लेंगे.  

एक तरफ पिछले कुछ महीनों से जिस तरह बीजेपी जेडयू के नेताओ के बयान आ रहे हैं और महाराष्ट्र और झारखंड में बीजेपी के सहयोगी ने नाता तोडा है उसको लेकर राजनीतिक जानकारों की माने टिकट बटवारे के समय बिहार में भी राजनीतिक उथल पुथल रहेगा.  

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