झारखंड: मंत्री आलमगीर आलम के बर्खास्तगी को लेकर शुरू हुई सियासत, जानिए क्या है मसला...

उन्होंने कहा कि मंत्री को तुरंत बर्खास्त कर उनपर आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए. सरकार के मंत्री को इस महामारी के समय में भी वोट बैंक दिख रहा है. जब पूरे प्रदेश में धारा 144 लगा हुआ है तो फिर लोगों को मंत्री के कहने पर एक जगह कैसे जमा होने दिया गया. 

झारखंड: मंत्री आलमगीर आलम के बर्खास्तगी को लेकर शुरू हुई सियासत, जानिए क्या है मसला...
झारखंड में ग्रामीण विकास कार्य मंत्री आलमगीर आलम की बर्खास्तगी की मांग को लेकर अड़ गई है विपक्ष.

रांची: एक ओर देश कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा है. लॉकडाउन को सफल बनाने का चौतरफ़ा प्रयास किया जा रहा है. तो दूसरी ओर झारखंड में ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम की बर्खास्तगी को लेकर सियासत शुरू हो गई है. विपक्षी पार्टी बीजेपी ने राज्यपाल को मेल के जरिए उनकी बर्खास्तगी का ज्ञापन भेज तुरंत एक्शन लेने की मांग की है.

यही नहीं इधर, पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने कई मीडिया में बयान जारी किया कि मंत्री आलमगीर आलम के इस रवैये पर उनके खिलाफ एक्शन लिया जाए. रघुबर दास ने कहा कि कोरोना की वजह से खासकर लॉकडाउन में झारखंड के हज़ारों लाखों लोगों की जान सांसत में पड़ गई है. जिस तरह मंत्री के कहने पर बसो में भरकर लोगों को रांची से संथाल परगना के कई जिलों में भेजा गया है, ये सीधे-सीधे लोगों की जान जोखिम में डालना है. 

उन्होंने कहा कि मंत्री को तुरंत बर्खास्त कर उनपर आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए. सरकार के मंत्री को इस महामारी के समय में भी वोट बैंक दिख रहा है. जब पूरे प्रदेश में धारा 144 लगा हुआ है तो फिर लोगों को मंत्री के कहने पर एक जगह कैसे जमा होने दिया गया. 

रघुबर दास यही नहीं रुके. आगे उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने जो जहां है वहीं रहने का आदेश जारी किया है. मंत्री आलमगीर आलम ने जो किया है वह अक्षम्य है. एक ओर दिखावे के लिए मंत्री ट्विटर पर संदेश देते हैं कि लॉकडाउन के दौरान वाहनों के लिए उनसे संपर्क ना करें. केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश का हवाला देते हैं. वहीं दूसरी ओर प्रशासन पर दबाव बनाकर लोगों की जान की परवाह किए बिना बसों में ठूंस-ठूंस कर लोगों को भिजवा रहे हैं.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कह रहे हैं कि जो जहाँ है वही रहे. जब मुख्यमंत्री के संज्ञान में ये मामला आया तो वो मंत्री पर कार्रवाई करने की बजाय मामले पर लीपापोती कर रहे हैं. इस गैर जिम्मेदाराना हरकत के लिए मंत्री जी को तत्काल मंत्रिमंडल से बाहर करना चाहिए, क्योंकि लोगों की जान से खिलवाड़ करने का अधिकार किसी को नहीं है.

मंत्री आलमगीर आलम को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने का निर्देश सीएम को देने की मांग को लेकर बीजेपी विधायक दल नेता बाबूलाल मरांडी और पार्टी प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने राज्यपाल को मेल से ज्ञापन भेजा. उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री ने लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना जांच के कई बसों में भर कर रांची से कई लोगों को भेजा है. इसको लेकर मंत्री पर आपराधिक मुकदमा चलाने की भी मांग की है.