लैंड म्यूटेशन-सहायक पुलिसकर्मी को लेकर विपक्ष का सदन में हंगामा, वेल में खड़े हो किया विरोध

आगे उन्होंने कहा कि सहायक पुलिसकर्मियों को लेकर पिछली सरकार में ही कहा गया था, 3 साल बाद एक्सटेंशन नहीं मिलेगा. हमारी सरकार ने कहा है सहायक पुलिसकर्मियों की जो जायज मांग है, उसके लिए सरकार काम कर रही है.   

लैंड म्यूटेशन-सहायक पुलिसकर्मी को लेकर विपक्ष का सदन में हंगामा, वेल में खड़े हो किया विरोध
लैंड म्यूटेशन-सहायक पुलिसकर्मी को लेकर विपक्ष का सदन में हंगामा, वेल में खड़े हो किया विरोध.

रांची: झारखंड विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के विधायक ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया. विपक्ष के विधायक वेल में पहुंच कर नारेबाजी करते रहे. विधानसभा अध्यक्ष ने शांत कराने का प्रयास किया और अपने-अपने स्थान पर जाने को कहा. विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह भी किया. 

अध्य्क्ष ने बीजेपी विधायक रणधीर सिंह को फटकार लगाते हुए कहा कि यही तरीका है क्या सदन में आपका. अगर आपको बात करना है तो बाहर चले जाएं. विपक्ष के विधायकों से विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जब अभी लैंड म्यूटेशन बिल आया ही नहीं है, तो विरोध क्यों. आपलोग अपने स्थान पर जाएं आपके हर सवाल का जवाब सत्ता पक्ष देगा.  

बीजेपी बिधायक भानु प्रताप शाही ने कहा कि लैंड म्यूटेशन बिल पर सरकार अपना रूख स्पष्ट करे. कैबिनेट में पास होने से जनता में भ्रम की स्थिति है. सहायक पुलिसकर्मियो पर लाठीचार्ज किया गया है.

इस पर संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने सदन को बताया कि लैंड म्यूटेशन बिल कैबिनेट से पास हुआ है, लेकिन जैसे ही पता चला इसमें कुछ खामी है. इसे रोकने का काम हमारी सरकार ने किया है. ये बिल जब सदन में आया ही नहीं है, तो सफाई की जरूरत नहीं.

आगे उन्होंने कहा कि सहायक पुलिसकर्मियों को लेकर पिछली सरकार में ही कहा गया था, 3 साल बाद एक्सटेंशन नहीं मिलेगा. हमारी सरकार ने कहा है सहायक पुलिसकर्मियों की जो जायज मांग है, उसके लिए सरकार काम कर रही है. 
 
इस बाबत सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि लैंड म्यूटेशन और सहायक पुलिस को लेकर विपक्ष इतना आक्रोशित है, यह समझ से परे है. आप ही समाधान करने की कोशिश करें. हमने अपने प्रतिनिधि को भी धरनास्थल पर बातचीत के लिए भेजा था. कोरोना काल मे धरना प्रदर्शन उचित नहीं है. कितने सहायक पुलिसकर्मी संक्रमित भी होंगे. 

उन्होंने कहा कि सहायक पुलिसकर्मियों से वार्ता कर चीजें स्पष्ट कर दी गई है. ये सरकार संवेदनशील है. सभी की बातें सुनती है. काफी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ बातचीत में चीजें तय हो जाती है. फिर कौन सा बवंडर चलता है. सहायक पुलिसकर्मी आक्रोशित हो जातें है. फिर प्रशासन की मजबूरी हो जाती है उदण्डता से उन्हें रोका जाए. ये पाप हमारे विपक्ष के साथी का है.

फिर भी मानवता के नाते सरकार सबके लिए बराबर सोचती है. सीएम सोरेन ने कहा कि इनके भविष्य के साथ खिलवाड़ का बड़ा षड्यंत्र हो रहा है. समाधन निकालने के बजाय उलझाने का काम हो रहा है. हमारी सहनशीलता का परिचय न लिया जाए. विपक्ष से अपील है , हमारी सम्वेदना उनके साथ ही आप भी सहयोग करें. ओछी राजनीति नहीं होनी चाहिए, उन्हें खाने पीने की चीजें मुहैया कराई जा रही है.
विपक्ष की गाड़ियां वहां घूमती है.
  
बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने कहा जब जनता ने आपको सत्ता सौंपा तो उनके साथ बैठ कर रास्ता निकालना चाहिए, लेकिन आप रास्ता निकालने नहीं चाहते हैं. सीपी सिंह के बोलने के दौरान सत्ता पक्ष की तरफ से विरोध हुआ तो उन्होंने कहा कि मेरी आदत बड़ी खराब है. अगर कोई चुनौती देता है तो चुनौती स्वीकार करता हूं. अगर मुझे बाधित करेंगे तो सत्तापक्ष के लोग भी नहीं बोल पाएंगे.
      
साथ ही बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने सदन में पूछा लैंड म्यूटेशन बिल कैबिनेट से कैसे पास हो गया. सदन का संचालन विधानसभा अध्यक्ष करते रहे और सदन में वेल में बीजेपी विधायक ताली पीटते रहे. विपक्ष के वेल में पहुंच कर हंगामे की वजह से विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 12:40 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया.