आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी नहीं हुआ इलाज, किसी डॉक्टर ने नहीं सुनी मां की फरियाद

मृत बच्चे के परिजनों ने यह आरोप लगाया कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद भी बच्चे का ऑपरेशन अस्पताल में नहीं हो पाया. राजेश पात्रों के मुताबिक 12 वर्षीय सौरभ के दिल में छेद था. बच्चे की हालत गंभीर होने पर मां रो पड़ी. 

आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी नहीं हुआ इलाज, किसी डॉक्टर ने नहीं सुनी मां की फरियाद
आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद नहीं हुआ बच्चे का इलाज.

जमशेदपुर: आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद इलाज नहीं होने के मामले में झारखंड की हेमंत सरकार सक्रिय हो गई है. वह इसलिए कि घटना कोल्हान के सबसे बड़े अस्पताल एमजीएम में सोमवार की सुबह परसुडीह थाना क्षेत्र के गोलपहाड़ी की है. यहां के निवासी राजेश पात्रों के 12 वर्षीय बेटे सागर पात्रों की मौत इलाज के अभाव में हो गई. 

मृत बच्चे के परिजनों ने यह आरोप लगाया कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद भी बच्चे का ऑपरेशन अस्पताल में नहीं हो पाया. राजेश पात्रों के मुताबिक 12 वर्षीय सागर के दिल में छेद था. बच्चे की हालत गंभीर होने पर मां रो पड़ी. उन्होंने कहा कि किसी ने नहीं सुनी फरियाद.

बच्चे के पिता ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, स्थानीय सांसद व जिले के सिविल सर्जन के पास इलाज के लिए मदद मांगी. लेकिन किसी ने कोई मदद नहीं की. इसके साथ ही पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार के भी चक्कर काटे लेकिन कहीं पर भी इलाज नहीं हुआ. 

पेशे से राजेश पात्रो चालक का काम करते हैं. बेटे के इलाज के लिए अपनी सभी जमा-पूंजी झोंक दी थी. आयुष्मान कार्ड भी बनवाया. लेकिन किसी भी अस्पताल में बेटे का ऑपरेशन नहीं करा सके.