रांची: परिवार ने मृत समझकर दो साल के बच्चे का किया अंतिम संस्कार, अगले दिन पाया जिंदा

पुलिस के द्वारा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. उसके बाद पुलिस इन दोनों बच्चों के माता-पिता की खोज करने लगी तब पता चला कि रांची की चिरौंदी के रहने वाले आशीष बाखला और सरिता बाखला का पुत्र पतरस है.  

रांची: परिवार ने मृत समझकर दो साल के बच्चे का किया अंतिम संस्कार, अगले दिन पाया जिंदा
बच्चे को लावारिस हालत में सोए देखकर पुलिस के द्वारा चाइल्डलाइन में दे दिया गया है.

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे. दरअसल कोतवाली थाना इलाके में रविवार को सुबह ट्रक के नीचे दो बच्चों की कुचलकर मौत हो गई थी.

पुलिस के द्वारा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. उसके बाद पुलिस इन दोनों बच्चों के माता-पिता की खोज करने लगी तब पता चला कि रांची की चिरौंदी के रहने वाले आशीष बाखला और सरिता बाखला का पुत्र पतरस है.

पतरस के माता-पिता पोस्टमार्टम के बाद पहचाना कि ये उनका बेटा है. पुलिस ने शव को सौंप दिया और पूरे परिवार वाले ने मिलकर बच्चे का अंतिम संस्कार भी किय गया. लेकिन इसके दूसरे दिन पता चला कि उनका बेटा मरा नहीं बल्कि जिंदा है. जिस शव का वो अंतिम संस्कार कर घर लौटे वह पतरस का नहीं बल्कि उसके साथ रहने वाला सुविल कुजूर का बेटा है.

वहीं, पतरस को लावारिस हालत में सोए देखकर पुलिस के द्वारा चाइल्डलाइन में दे दिया गया है. जब इस घटनाक्रम पर उस बच्चे की मां से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि हम तो सोचे कि मेरा बेटा मर गया है लेकिन बाद में पता चला कि लावारिस हालत में पुलिस के द्वारा उठाकर रखा गया है

बहरहाल इस घटनाक्रम के बाद अब राजधानी रांची में लावारिस तरीके से सो रहे बच्चे को पुलिस ने आश्रय गृह को दे दिया है ताकि दोबारा यह घटना ना घटे अपने बच्चे को लेकर परिवार को भी सजग होना होगा.