close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

रांची: RIMS में कॉरीडोर में हो रहा मरीजों का इलाज, बारिश में भीगकर भी रहने को हैं मजबूर

गोला से आई कदमी देवी अपने पति को बारिश के वक्त चटाई से ढक कर रखती है. तो पलामू से आए मनोज के साथ भी हालात वही है. बारिश होते ही मरीजों के लिए आफत बन जाता है.

रांची: RIMS में कॉरीडोर में हो रहा मरीजों का इलाज, बारिश में भीगकर भी रहने को हैं मजबूर
बारिश होते ही मरीजों के लिए आफत बन जाता है.

सौरव कुमार, रांची: झारखंड के सबसे बेहतर अस्पतालों में शुमार रिम्स में राज्य  भर से लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं. यहां के न्यूरो सर्जरी विभाग में दर्जनों ऐसे मरीज हैं जिनका इलाज कॉरीडोर में फर्श पर किया जा रहा है. गरीबी की मार इन्हें सरकारी अस्पताल तक खींच लाती है. लेकिन फर्श पर इलाज क बारिश के कारण मरीज कॉरीडोर में भीग जाते हैं. इस बारे में बात करने पर हर बार व्यवस्था को बेहतर करने की बात कही जाती है.

हालत ऐसे हैं कि रांची के पास ही गोला से आई कदमी देवी अपने पति को बारिश के वक्त चटाई से ढक कर रखती है. तो पलामू से आए मनोज की भी हालत कुछ ऐसी ही है. बारिश होते ही मरीजों के लिए आफत बन जाता है.

 

वहीं, रिम्स के निदेशक डॉ.डी के सिंह ने कहा कि न्यूरो सर्जरी विभाग वार्ड के बगल में ही आई वार्ड है. दोनों ही विभाग के विभागाध्यक्ष के साथ बात की गई है ताकि आई वार्ड में लगे खाली बिस्तर पर मरीजों को जगह मिले. साथ ही उनका कहना है कि इसमें डॉक्टरों का भी सहयोग होना जरूरी है.

जाहिर है झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री रिम्स के व्यवस्था सुधारने की बात करते हैं, लेकिन रिम्स का सबसे महत्वपूर्ण विभाग न्यूरो सर्जरी की हालत देख मरीज आने से कतराते हैं. लेकिन पैसे की तंगी उन्हें यहां तक खींच लाती है.