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पटना: जलजमाव से हुआ लगभग एक हजार करोड़ का नुकसान, भूख हड़ताल पर बैठेंगे पीड़ित

हर घर के ग्राउंड फ्लोर पर रखा सारा सामान बर्बाद हो चुका है. फर्नीचर, गाड़ी, स्कूटर, मोटरसाइकिल, फ्रिज, इन्वर्टर, जेनरेटर सभी बर्बाद हो चुका है. साधारण से साधारण परिवार का कम से एक लाख का नुकसान हुआ है. 

पटना: जलजमाव से हुआ लगभग एक हजार करोड़ का नुकसान, भूख हड़ताल पर बैठेंगे पीड़ित
जलजमाव से पटना का लगभग एक हजार करोड़ का नुकसान. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार की राजधानी पटना के कई शहरी इलाकों से पानी निकल चुका है. अब शहर के लोग नुकसान के आकलन में जुट गये हैं. बिहार इन्डस्ट्रीज एसोसिएशन और पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स की मानें तो पटनावासियों का ये नुकसान लगभग एक हजार करोड़ का है. वहीं, जलजमाव (Water Logging) से हुए नुकसान की भरपाई को लेकर राजेन्द्र नगर के लोग 20 अक्टूबर को भूख हडताल पर बैठने जा रहे हैं. लोगों ने सरकार से बाढ़ पीड़ितों की तरह छह हजार रुपये लेने से इनकार कर दिया है.

पटना (Patna) में जलजमाव बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है. पटना के शहरी इलाकों से पानी तो निकल चुका है. लेकिन पानी का दिया दर्द अभी भी बांकी है. लोग इस आकलन में जुटे हैं कि आखिर उनका कितना नुकसान हो चुका है.

बिहार इन्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलाल खेतान का घर भी राजेन्द्र नगर इलाके में ही है. वह इन दिनों अपने घर को व्यवस्थित करने में जुटे हैं. घर के ग्राउंड फ्लोर का सारा सामान 10 दिनों के जलजमाव में बर्बाद हो चुका है. खेतान की 4 गाडियां बर्बाद हो चुकी हैं. घर का सारा फर्नीचर खराब हो चुका है. यहां तक कि घर का फिर से डेंटिंग-पेंटिंग का काम चल रहा है. उनका लगभग पचास लाख का नुकसान हो चुका है. खेतान की मानें तो जलजमाव के कारण एक हजार करोड़ का नुकसान पटनावासियों का हुआ है. उन्होंने पटना शहर के लोगों के लिए सरकार से प्रति सक्वायर फुट के हिसाब से सहायता राशी उपलब्ध कराने की मांग की है. इसके लिए राजेन्द्र नगर के लोगों की तरफ से पटना हाईकोर्ट में एक पीआईएल भी दायर किया गया है.

वहीं, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स का आकलन भी कुछ ऐसा ही है. पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सत्यजीत सिंह की मानें तो जलजमाव के कारण पटनावासियों का नुकसान सात सौ से एक हजार करोड़ के आसपास हुआ है. सिंह की मानें तो जलजमाव के कारण लगभग ढाई लाख की आबादी प्रभावित हुई है. हर घर के ग्राउंड फ्लोर पर रखा सारा सामान बर्बाद हो चुका है. फर्नीचर, गाड़ी, स्कूटर, मोटरसाइकिल, फ्रिज, इन्वर्टर, जेनरेटर सभी बर्बाद हो चुका है. साधारण से साधारण परिवार का कम से एक लाख का नुकसान हुआ है. ऐसे में सरकार को क्षतिपूर्ति के रुप में कम से कम 50 हजार तो जरूर दे.

वहीं, राजेन्द्र नगर में उचित मुआवजे की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने एक एसोसिएशन भी बना लिया है. दिलजीत खन्ना बताते हैं कि उनके एसोसिएशन में अभी दो हजार सदस्य हैं. धरे-धीरे इसकी संख्या बढ़ती ही जा रही है. उनकी तरफ से पटना हाईकोर्ट में इंसाफ के लिए एक पीआईएल भी दायर किया गया है. दिलजीत खन्ना कहते हैं कि 20 अक्टूबर को उनके एसोशिएशन के सभी लोग भूख हडताल पर बैठेंगे और शाम में सरकार का पुतला भी जलाएंगे. जलजमाव के कारण इलाके में रहनेवाले डाक्टरों और मेडिकल जांच करने वाले क्लीनिक के करोड़ों रुपये की मशीनें बर्बाद हो चुकी हैं. ऐसे में सही मुआवजा मिलना जरूरी है.