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बिहार: 1975 के बाद पहली बार पटना में हो रही ऐसी बारिश, राहत-बचाव कार्य में जुटी NDRF-SDRF

लोग बताते हैं कि 1975 में भी कुछ ऐसे ही हालात से रू-ब-रू हुआ था पटना. बीते 48 घंटों से लगातार हो रही बारिश ने हालात खराब कर दिए हैं. 

 बिहार: 1975 के बाद पहली बार पटना में हो रही ऐसी बारिश, राहत-बचाव कार्य में जुटी NDRF-SDRF
पटना के पुलिस मुख्यालय में हालात की गंभीरता के मद्देनजर स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर खोला गया है.

पटना: बिहार की राजधानी पटना में 45 वर्षों के बाद बाढ़ से हालात बन गए हैं. पटना का आलम ऐसा है कि बारिश (Bihar Rain) के पानी ने लोगों को जल कैदी बना दिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने आने वाले 24 घंटों को और चुनौतीपूर्ण करार दिया है. वहीं, पटना के पुलिस मुख्यालय में हालात की गंभीरता के मद्देनजर स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर खोला गया है.

पटना के लोगों ने जलजमाव की ऐसी तस्वीर कभी नहीं देखी थी. लोग बताते हैं कि 1975 में भी कुछ ऐसे ही हालात से रू-ब-रू हुआ था पटना. बीते 48 घंटों से लगातार हो रही बारिश ने हालात खराब कर दिए हैं. बीते 24 घंटो में पूरे बिहार में 52 मिलीमीटर बारिश हुई है. वहीं, पटना में 98 मिमी बारिश हुई है. वैशाली और नवादा के कुछ इलाकों में 200 मिमी तक बारिश दर्ज की गई है.

 

आपको बता दें कि बिहार के 15 जिलों में भारी बारिश की वजह से रेड अलर्ट जारी किया गया है, भीषण बारिश के कहर से अब तक बिहार में 17 लोगों की मौत हो गई है. हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. 

वहीं, सीएम नीतीश कुमार बाढ़ राहत को लेकर मीटिंग कर रहे हैं. सरदार पटेल भवन में मीटिंग चल रही है. आपदा विभाग की तैयारियों का सीएम जायजा ले रहे हैं.
साथ ही पटना के डीएम रवि कुमार ने लगातार हो रहे बारिश की वजह से जिले के प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को बंद कर दिया गया है.

पटना में राहत बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम को उतारा गया है. राजेन्द्र नगर, कदमकुआं के कुछ इलाकों में पानी 5 फुट तक जा पहुंचा है. जबकि एसके पुरी, पटलिपुत्र जैसे इलाकों में तीन से चार फुट तक पानी जमा है. इसके कारण लोगों को नाव के जरिए सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है. गंगा, बूढ़ी गंडक, सोन, महानंदा जैसी नदियों में बढ़ते जलस्तर ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है.