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जम्मू-कश्मीर से बीएड डिग्री हासिल करने वाले शिक्षकों को हाईकोर्ट से मिली राहत

जम्मू कश्मीर से बीएड की डिग्री लेने वाले शिक्षकों को पटना हाईकोर्ट से राहत मिली है. जम्मू कश्मीर से बीएड डिग्री लेने वाले शिक्षकों को हटाए जाने के आदेश पर तत्काल रोक लगा दिया गया है.

जम्मू-कश्मीर से बीएड डिग्री हासिल करने वाले शिक्षकों को हाईकोर्ट से मिली राहत
जम्मू-कश्मीर से बीएड डिग्री हासिल करने वाले शिक्षकों के बर्खास्तगी पर रोक. (फोटो प्रतीकात्मक)

पटनाः जम्मू कश्मीर से बीएड की डिग्री लेने वाले शिक्षकों को पटना हाईकोर्ट से राहत मिली है. जम्मू कश्मीर से बीएड डिग्री लेने वाले शिक्षकों को हटाए जाने के आदेश पर तत्काल रोक लगा दिया गया है. पटना हाईकोर्ट ने सरकार से कहा कि जम्मू कश्मीर से शैक्षणिक योग्यता हासिल करने का मतलब फर्जी डिग्री हासिल करना ऐसे नहीं माना जा सकता है. इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश अनिल कुमार उपाध्याय ने की.

उन्होंने राज्य सरकार को जानकारी देने के लिए कहा कि जिन शिक्षकों ने 12 अप्रैल 2017 के बाद जम्मू कश्मीर से बीएड की डिग्री हासिल की है. उसे किस आधार पर अयोग्य कहा जाए? जबकि सरकार ने खुद इस तारीख के बाद की डिग्री को स्वीकार किया था.

कोर्ट में याचिका दायर कर जानकारी दी गई थी कि उषा कुमारी जो सोनपुर के गोपाल सिंह उच्च विद्यालय में कार्यरत थी और उन्हें इस आधार पर हटाया जा रहा है कि उसने साल 2007 में जम्मू कश्मीर से बीएड की डिग्री ली है. नियुक्ति के वक्त उनकी डिग्री को सही माना गया. लेकिन बाद में जब नियामवली में परिवर्तन किया गया तो उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया.

सरकार ने नई नियामवली में अप्रैल 2017 के पहले जम्मू कश्मीर से बीएड करने वाले की डिग्री को अयोग्य घोषित कर दिया. कोर्ट ने अब सरकार से पूछा है कि शिक्षिका की डिग्री गलत कैसे है? इसका जवाब दें. कोर्ट ने राज्य सरकार को हलफनामा दायर कर जवाब मांगा है.