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धनतेरस को लेकर पटना के बाजार में काफी रौनक, इलेक्ट्रॉनिक सामानों की डिमांड

आपको बता दें कि धनतेरस के दिन से ही दीपावली की खरीदारी शुरु हो जाती है. धनतेरस को पूरे घर के साथ पूजा स्थल की भी सफाई हो जाती है. मां लक्ष्मी का आह्वान करते हुए उनके प्रतीक स्वरुप नए बर्तन या सोने चांदी के आभूषण खरीदे जाते हैं.

धनतेरस को लेकर पटना के बाजार में काफी रौनक, इलेक्ट्रॉनिक सामानों की डिमांड
लोग इलेक्ट्रॉनिक सामान और आभूषण की सबसे ज्यादा खरीरदारी कर रहे हैं.

पटना: धनतेरस को लेकर पटना के बाजार में काफी रौनक देखने को मिल रही है. हर साल की तरह इस साल भी बड़ी संख्या में लोग धनतेरस की खरीददारी करेत नजर आ रहे हैं. 

इस साल बाजार में सबसे अधिक डिमांड इलेक्ट्रॉनिक सामान की है. अनुमान से अधिक लोग दुकानों में इलेक्ट्रॉनिक समान खरीदते देखे जा रहे हैं. पटना के एक शो रूम में भी लोग जमकर खरीददारी कर रहे हैं. ज्यादातर लोगो की दिलचस्पी नए टेलीविज़न खरीदने को लेकर दिखी.

धनतेरस की वजह से कई दुकानों और शो रूम में तरह-तरह के ऑफर भी दे रहे हैं जो रौनक बढ़ाने में कारगर साबित हो रहे हैं. आपको बता दें कि धनतेरस के दिन से ही दीपावली की खरीदारी शुरु हो जाती है. धनतेरस को पूरे घर के साथ पूजा स्थल की भी सफाई हो जाती है. मां लक्ष्मी का आह्वान करते हुए उनके प्रतीक स्वरुप नए बर्तन या सोने चांदी के आभूषण खरीदे जाते हैं. 

मनुष्य जाति को अकाल मृत्यु से बचाने के लिए धनतेरस की रात को यम का दिया निकालने की प्रथा है. भगवान धन्वंतरि ने मनुष्य को अकाल मृत्यु से बचाने के चिकित्सकीय उपाय प्रदान किए थे. जिसके प्रतीक स्वरुप मृत्यु के देवता यमराज को प्रसन्न करके स्वयं को अकाल मृत्यु से बचाने के लिए यम का दिया निकालने की प्रथा की शुरुआत हुई. 

धनतेरस की रात तीसरे प्रहर(आधी रात बीत जाने के बाद) घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके एक दिया जलाया जाता है. इसे कई जगहों पर ''जमदिवा''(यम का दिया) कहा जाता है. इस दीपक का मुख दक्षिण दिशा में रखा जाता है. क्योंकि दक्षिण दिशा यम की दिशा मानी जाती है.