कोरोना काल में नहीं 'जागा' पटना नगर निगम, संक्रमण से बचाव के लिए दिख रहा 'फेल'

पटना में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं. लेकिन राजधानी में न तो सैनिटाइजेशन हो रहा है और न ही फॉगिंग और न ही ब्लीचिंग.

कोरोना काल में नहीं 'जागा' पटना नगर निगम, संक्रमण से बचाव के लिए दिख रहा 'फेल'
कोरोना काल में नहीं 'जागा' पटना नगर निगम, संक्रमण से बचाव के लिए दिख रहा 'फेल'.

पटना: पटना नगर निगम (Nagar Nigam) का करोड़ों का बजट होता है, लिहाजा इससे उम्मीद की जाती है कि, वो अपनी तरफ से इस कदर ठोस कार्रवाई करेगा कि, लोगों को दिक्कत नहीं हो. दरअसल, राजधानी के लोग मार्च से कोरोना का सामना कर रहे हैं. लेकिन सवाल ये खड़ा हो रहा है कि, क्या नगर निगम कोरोना से निपटने में ईमानदारी दिखा रहा है. इसका जवाब नहीं में है.

बता दें कि, पटना में कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं. लेकिन राजधानी में न तो सैनिटाइजेशन हो रहा है और न ही फॉगिंग और न ही ब्लीचिंग. कभी-कभी वीआईपी और मंत्रियों के इलाके में सैनिटाइजेशन होते दिख जाता है. लेकिन बाकी इलाकों में निगम अपनी तरफ से कुछ भी नहीं कर रहा है.

कोरोना से लड़ाई में अहम हथियार साफ-सफाई का है. लेकिन सफाई के नाम पर सिर्फ कचरा घरों-घरों से उठाया जा रहा है. स्थानीय लोगों को डर है कि,अगर अब भी निगम नहीं चेता तो उन्हें, चाहे-अनचाहे कोरोना का मरीज बनना पड़ सकता है.

ये हाल बिहार के उस नगर निगम का है, जिसका सालाना बजट 4 हजार करोड़ का है. पटना के कंकड़बाग स्थित कंकड़बाग अंचल में भारी संख्या में फॉगिंग मशीनें, सैनिटाइजेशन करने वाली ऑटो और जेटिंग मशीनें दिखीं. इनकी हालत ऐसी है कि, मानों काफी समय से इस्तेमाल नहीं हुआ है.

एक तरफ लगातार कोरोना के केस बढ़ रहे हैं तो, दूसरी तरफ शहरी आबादी के लिए काम करने वाली नगर निगम हाथ पर हाथ धरे बैठा है. पटना नगर निगम का काम सैनिटाइजेशन, ब्लीचिंग और फॉगिंग करने का है. लेकिन ये तीनों चीजें पटना में नहीं हो रही हैं. शायद ही पटना का कोई इलाका न हों, जहां कोरोना के मरीज नहीं मिले हों.

वहीं, राजधानी में लॉकडाउन (Lockdown) को दौरान बीते दिनों यहां के पार्षद, मेयर और डिप्टी मेयर की कुर्सी बनाने और गंवाने में उलझे थे. हालांकि, पटना नगर निगम के आयुक्त हिमांशु शर्मा ऐसा नहीं मानते हैं. हिमांशु शर्मा का दावा है कि, निगम ने अपनी तरफ से बेहतर काम किया है.

पटना में कोरोना के बढ़ते मामलों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि, जहां बिहार में 16 जुलाई से लॉकडाउन किया गया है. वहीं, पटना में 10 जुलाई से ही लॉकडाउन है.