पटना: NMCH में हड़ताल पर गए डॉक्टर, इमरजेंसी विभाग में नहीं हो रहा मरीजों का इलाज

अस्पताल में आपातकालीन सेवा ठप हो गई है. वहीं, शिशु विभाग के इमरजेंसी कमरे में ताला लटका हुआ है. शिशु विभाग के वार्ड में भर्ती छोटे-छोटे मासूम बच्चे बुखार से तड़प रहे हैं. डॉक्टर के हड़ताल की वजह से बच्चों का इलाज नहीं हो पा रहा है.

पटना: NMCH में हड़ताल पर गए डॉक्टर, इमरजेंसी विभाग में नहीं हो रहा मरीजों का इलाज
डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने के कारण मरीजों की परेशानी बढ़ गई है. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार में पटना के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल एनएमसीएच में परिजनों और डॉक्टरों के बीच 16 नंवबर को हुई झड़प के बाद से जूनियर डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. वहीं, डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने के कारण मरीजों की परेशानी बढ़ गई है.

इस वजह से अस्पताल में आपातकालीन सेवा ठप हो गई है. वहीं, शिशु विभाग के इमरजेंसी कमरे में ताला लटका हुआ है. शिशु विभाग के वार्ड में भर्ती छोटे-छोटे मासूम बच्चे बुखार से तड़प रहे हैं. डॉक्टर के हड़ताल की वजह से बच्चों का इलाज नहीं हो पा रहा है.

गौरतलब है कि बीते शनिवार 16 नवंबर को 12 वर्ष के बच्चे की इलाज के दौरान आपातकालीन सेवा की बिजली कट गई और जेनरेटर ऑन नहीं किये जाने के कारण बच्चे की मौत हो गई. बच्चे की मौत के बाद परिजनों और डॉक्टरों के बीच जमकर झड़प हो गई और जूनियर डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए.

डॉक्टरों की मांग है कि जबतक दोषी परिजनों पर कार्रवाई और डॉक्टरों को पूर्ण सुरक्षा नहीं दी जाएगी तब तक जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे. हालांकि डॉक्टर से झड़प मामले में बच्चे के माता-पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. डॉक्टरों के स्ट्राइक के कारण अस्पताल से मरीज भी अब पलायन करने लगे हैं.