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8th Pay Commission: साल 2025 अपनी खट्टी-मीठी यादों के साथ अपने अंतिम पड़ाव पर है और विदाई लेने की तैयारी में है. वहीं दो दिन बाद नए साल (Happu New Year 2026) की शुरुआत होने वाली है. सरकारी कर्मचारी नए साल का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग भी लागू हो सकता है. कहा जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने से सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में बंपर इजाफा देखने को मिल सकता है. रिटायर कर्मचारियों की पेंशन पर भी इसका जबरदस्त फायदा मिल सकता है. यही वजह है कि बिहार के सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स भी काफी उत्सुक हैं. आइए जानते हैं कि आठवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद बिहार सरकार के कर्मचारियों की सैलरी लगभग कितनी बढ़ जाएगी?
बिहार के सरकारी कर्मचारियों को कितना फायदा होगा?
बता दें कि केंद्र सरकार जब नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करती है, तो राज्यों को भी इसे अपनाने के लिए दिशा-निर्देश दिए जाते हैं. हालांकि, राज्य अपनी वित्तीय स्थिति और बजट के अनुसार इसे लागू करते हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद किस राज्य के सरकारी कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ेगी, यह पूरी तरह से फिटमेंट फैक्टर और महंगाई भत्ते पर निर्भर करता है. अगर फिटमेंट फैक्टर को 2.86 तक बढ़ाया जाता है, तो इससे न्यूनतम बेसिक सैलरी में लगभग 186 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है. इसे और आसान भाषा में कहें तो आपकी न्यूनतम बेसिक सैलरी 22 हजार रुपये है, तो 8वां वेतन आयोग लगने के बाद ये न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर 62,920 रुपये हो जाएगी. इसके अलावा इसके महंगाई भत्ते का भी अहम रोल होगा.
फिटमेंट फैक्टर क्या होता है?
भारत के पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर एक गुणक होता है, जो वर्तमान बेसिक सैलरी पर लागू होकर संशोधित वेतन मैट्रिक्स के तहत नए वेतन की गणना करता है. आसान भाषा में कहें तो फिटमेंट फैक्टर, वेतन आयोग की रिपोर्ट और कर्मचारियो के वेतन को मिक्सर करने का काम करता है. उन्होंने बताया कि 7वें वेतन आयोग के तहत, फिटमेंट फैक्टर 2.57 निर्धारित किया गया था, जिसने न्यूनतम मूल वेतन को 7,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया था. बता दें कि बिहार में 7वां वेतन आयोग ही 01 अप्रैल 2017 से लागू हुआ था, जबकि केंद्र सरकार ने इसको 2016 में हरी झंडी दी थी. इस लिहाज से बिहार में इतनी जल्दी 8वें वेतन आयोग के लागू होने की संभावनाएं कम नजर आ रही हैं.