जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर बिहार में सियासत गरमाई, कांग्रेस ने जताया विरोध

जनसंख्या नियंत्रण कानून का जिन्न एक बार फिर चिराग से बाहर आ गया है. हाल में ही असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने दो बच्चों के नीति की घोषणा की है

जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर बिहार में सियासत गरमाई, कांग्रेस ने जताया विरोध
जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर बिहार में सियासत गरमाई प्रतीकात्मक फोटो)

Patna: जनसंख्या नियंत्रण कानून का जिन्न एक बार फिर चिराग से बाहर आ गया है. हाल में ही असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने दो बच्चों के नीति की घोषणा की है, जिसके बाद कई राज्य इस नीति को लेकर गंभीर दिखाई दे रहे हैं. उत्तर प्रदेश में भी इस कानून को लेकर बात चल रही है. इसी बीच बिहार में  जनसंख्या नियंत्रण नीति लागू करने की मांग पर सियासत गरमाने लगी है.

बीजेपी जनसंख्या नियंत्रण कानून को पूरे देश में लागू करना चाहती है, लेकिन विपक्ष इसके विरोध में झंडा बुलंद करके खड़ा है. कांग्रेस के मुताबिक जनसंख्या नियंत्रण और परिवार नियोजन का मामला उन्होंने ही शुरू किया था. इससे भी बीजेपी को संतुष्टि नहीं है. कांग्रेस ने प्रधानमंत्री और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता अगर मोदी और योगी की तरह हो जाएं, तो परिवार नियोजन खुद कंट्रोल हो जाएगा.

इसी बीच RJD का कहना है कि कानून बनने से कुछ नहीं हो सकता है. जनसंख्या नियंत्रण तभी संभव है, जब राज्य में एक जागरुकता अभियान चलाया जाए. इसके अलावा लोगों को शैक्षणिक और बौद्धिक रूप से सजग किया जाए. JDU ने जनसंख्या नियंत्रित करने की जरूरत बताते हुए कहा कि इस कानून की राज्य को जरूरत है. 

इसी बीच बीजेपी ने साफ किया है कि पार्टी निश्चित रूप से चाहती है कि जनसंख्या नियंत्रण हो और इसको लेकर कानून बने. गौरतलब है कि जनसंख्या कानून के तहत दो से अधिक बच्चे वाले अभिभावकों को कई सरकारी सुविधाओं के लाभ से वंचित किया जा सकता है, जिसमे राशन और अन्य सब्सिडी में कटौती भी शामिल हो सकती है.