बिहार में कम सजा वाले कैदियों को छोड़ेगी नीतीश सरकार! जानिए क्या है वजह

Bihar Samachar: सुप्रीम कोर्ट ने 8 मई को केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर जेल में कैदियों की भीड़ को कम किया जाए. पैरोल और अंतरिम जमानत को आधार बनाकर कैदी छोड़े जाएं. 

बिहार में कम सजा वाले कैदियों को छोड़ेगी नीतीश सरकार! जानिए क्या है वजह
बिहार में कम सजा वाले कैदियों को छोड़ेगी नीतीश सरकार! (फाइल फोटो)

Patna: कोरोना संक्रमण के कारण बिहार की जेलों में बंद कैदियों को राहत मिल सकती है. कम सजा वाले कैदियों को छोड़ा जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार, जेल प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है. सबकुछ ठीक रहा तो कम सजा वाले कैदी जमानत पर छोड़ दिए जाएंगे.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 8 मई को केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर जेल में कैदियों की भीड़ को कम किया जाए. पैरोल और अंतरिम जमानत को आधार बनाकर कैदी छोड़े जाएं. जमानत में 7 साल से कम सजा वाले कैदियों को प्राथमिकता दी जाएगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संदर्भ में राज्यों को पत्र भी लिखा है.  जिसके आधार पर बिहार के मुख्य सचिव ने कार्रवाई का आदेश संबंधित अधिकारियों को दे दिया है. उम्मीद की जा रही कि इस सप्ताह के अंत तक कम सजा वाले कैदी पेरोल या जमानत पर छोड़ दिए जाएंगे.

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जानकारी के अनुसार, कैदियों को जेल से बाहर करने के लिए दो स्तर पर व्यवस्था की जा रही है. एक व्यवस्था पैरोल की है जो जेल प्रशासन के जरिए दिया जाएगा. वहीं, दूसरी व्यवस्था के मुताबिक जिला सत्र न्यायालय स्तर पर अंतरिम जमानत देने की प्रक्रिया है. राज्य में छोटे और बड़े जेलों को मिला दिया जाए तो इनकी संख्या 59 है. इनमें लगभग 44 हजार कैदी रखने की क्षमता है. लेकिन अभी यहां 52 हजार कैदी रह रहे हैं. जिसके कारण सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो करना संभव नहीं.

इस प्रक्रिया में ऐसे कैदियों को सबसे ज्यादा फायदा होनेवाला है जिनकी सजा कम है. उन्हें नियमित जमानत मिल सकती है. वहीं, जिन कैदियों का आचरण अच्छा है उन्हें फायदा मिल सकता है. अच्छे आचरण वाले कैदियों को 90 दिनों का अवकाश मिल सकता है. जेल प्रशासन को 60 दिन और जेल अधीक्षक को 30 दिन का अवकाश देने का अधिकार है. किसी भी कैदी को इनमें से किसी एक प्राधिकार द्वारा साल में एक बार स्वीकृत अवकाश मिल सकता है.