बिहार में लगेगा Lockdown 4? सोमवार को CM नीतीश कुमार लेंगे बड़ा फैसला

Bihar Lockdown Update: सरकार द्वारा जारी किए गए फीडबैक में सभी अधिकारियों, मंत्रियों, प्रतिनिधियों ने लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाने को कहा है.  

बिहार में लगेगा Lockdown 4? सोमवार को CM नीतीश कुमार लेंगे बड़ा फैसला
बिहार में लगेगा Lockdown 4? (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Patna: बिहार में कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए राज्य सरकार ने लॉकडाउन जारी किया हुआ है. इस दौरान संक्रमण के घटते मामलों को देखते हुए बिहार सरकार कुछ नई छूट के साथ बिहार में लॉकडाउन की समय सीमा को एक बार फिर बढ़ा सकती है. यानी बिहार में लॉकडाउन 4 भी जारी किया जा सकता है.

दरअसल, कोरोना की दूसरी लहर के दौरान लगाए गए लॉकडाउन-3 की मियाद 1 जून को समाप्त हो रही है. इसके बाद मुख्यमंत्री द्वारा इसे एक बार फिर बढ़ाने का फैसला लिया जा सकता है. 

सरकार द्वारा जारी किए गए फीडबैक में सभी अधिकारियों, मंत्रियों, प्रतिनिधियों ने लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाने की मांग की है. इतना ही नहीं बल्कि सभी जिलों के जिलाधिकारी ने भी मांग की है कि जून के बाद भी लॉकडाउन को जारी रखा जाए. अधिकारियों का कहना है कि लॉकडाउन लगाने से कोरोना पर नियंत्रण करने में काफी हद तक सफलता प्राप्त हो रही है.

वहीं, इसके मद्देनजर सोमवार को आपदा प्रबंधन समूह की बैठक होगी जिसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार निर्णय लेंगे कि लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाया जाएगा या नहीं.

बता दें कि इससे पहले लॉकडाउन नहीं लगने पर राज्य में हर रोज 15 हजार के करीब नए कोरोना केस मिलते थे. वहीं, शनिवार को कोरोना के नए केस की संख्या 1491 थी. ऐसे में लॉकडाउन नहीं बढ़ाने से तीसरी वेव को कंट्रोल करना नामुमकिन हो सकता है. क्योंकि तीसरी लहर को बहुत खतरनाक माना जा रहा है. हालांकि, अगर लॉकडाउन 3 की अवधि को बढ़ाया जाता है तो इसमें कुछ आवश्यक छूट दी जा सकती हैं.

दूसरी तरफ बरसात का मौसम भी निकट है. माना जा रहा है कि नदियां उफनाएंगी, इतना ही नहीं बारिश ज्यादा हुई तो नेपाल पानी छोड़ेगा ही जिससे यहां बाढ़ आने की भी संभावना है. बिहार में 28 बाढ़ प्रवण जिले हैं. यहां बाढ़ आती ही है. इनमें से 6 जिले गंगा के आसपास है. ऐसे में कोरोना संक्रमण को कंट्रोल करना एक बड़ी चुनौती है. 

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संक्रमण को रोकने के लिए टीकाकरण बेहद जरूरी है. गांवों में संक्रमण से बचने के लिए टीकाकरण समय पर पूरा कर पाना भी मुश्किल माना जा रहा है. इसी बीच त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल भी 15 जून को समाप्त हो रहा है. ये सभी कोरोना को रोकने के काम में लगे हुए हैं. मुख्यमंत्री ने हर बार जनप्रतिनिधियों को कोरोना को रोकने के कामों में शामिल करने को कहा था. 

कोरोना याचिकाओं पर सुनवाई में पटना हाइकोर्ट ने भी इन जनप्रतिनिधियों को संक्रमण को रोकने के कामों में शामिल करने को कहा था. इस दौरान हाई कोर्ट ने 10 दिनों के अंदर उनसे कोरोना और कोरोना से इतर होने वाली मौत का आंकड़ा मांग था. हाईकोर्ट ने इनमें मुखिया, प्रखंड प्रमुख, जिला पर्षद अध्यक्ष को शामिल किया था.