जनसंख्‍या नियंत्रण के लिए महिलाओं के साथ पुरुषों को भी जागरूक करना ज्‍यादा जरूरी: रेणु देवी

Bihar Samachar: बिहार के उपमुख्यमंत्री रेणु देवी ने कहा कि जनसंख्या को घटाने के लिए शिक्षा पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है जो बिहार सरकार कर रही है. आज हालात ऐसे हैं कि जनसंख्या कंट्रोल नहीं करेंगे तो कुपोषण का शिकार होंगे.

जनसंख्‍या नियंत्रण के लिए महिलाओं के साथ पुरुषों को भी जागरूक करना ज्‍यादा जरूरी: रेणु देवी
जनसंख्‍या नियंत्रण के लिए महिलाओं के साथ पुरुषों को भी जागरूक करना ज्‍यादा जरूरी: रेणु देवी (फाइल फोटो)

Patna: बिहार की उप मुख्यमंत्री सह आपदा प्रबंधन विभाग की मंत्री रेणु देवी (Renu Devi) ने जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कहा कि 'बिहार में बहुत ज्यादा जनसंख्या है और बढ़ ही रही है. जनसंख्या को घटाने के लिए शिक्षा पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है जो बिहार सरकार कर रही है. जब बच्चे शिक्षित हो जाते हैं तो सोचते हैं कि हम कम बच्चे पैदा करें. जनसंख्या नियंत्रण करने के लिए सबको साथ देना होगा.'

उन्होंने कहा कि 'जब तक पति साथ नहीं देगा तो पत्नी क्या कर सकती है? जितनी महिलाएं जनसंख्या कम करने के लिए आगे बढ़ती हैं उस तरह से पुरुष नहीं बढ़ते हैं. महिलाओं के लिए सारी व्यवस्था सरकार करती हैं लेकिन पुरुष महिलाओं को लेकर घर से नहीं निकलते हैं. आज हालात ऐसे हैं कि जनसंख्या कंट्रोल नहीं करेंगे तो कुपोषण का शिकार होंगे. आज जनसंख्या विस्फोट हो रहा है, समाज में रहना है तो हर वर्ग के लोगों को सोचना पड़ेगा तभी जनसंख्या को नियंत्रण में किया जा सकता है. दूसरी समाज में कुछ कुरीति होती हैं, लोगों को समझने की जरूरत है कि बेटा और बेटी दोनों बराबर होते हैं इसलिए बेटा बेटी में कोई अंतर नहीं होना चाहिए.'

ये भी पढें- Bihar: महंगाई के मुद्दे पर भी NDA में मतभेद! JDU ने बताया मुद्दा तो BJP ने कहा-ध्यान बांटने की कोशिश

रेणु देवी ने कहा कि 'पति बेटे की चाह में होते हैं और उनकी पत्नियां एक तो क्या 9 लड़कियों को जन्म दे देती हैं. एक बेटे की चाह में 9 बेटियों को जन्म दिए हुए परिवार को भी मैंने देखा है. जनसंख्या नियंत्रण करने के लिए पति और पत्नी दोनों को जागरूक करने की जरूरत है. साथ में शिक्षा भी चाहिए. शुरू से ही कहा गया है पति और पत्नी एक दूसरे के पूरक हैं, एक ही गाड़ी के दोनों पहिए हैं. इसलिए पति-पत्नी को अच्छे से चलने की जरूरत है. इन्हें शिक्षित करने की जरूरत है.'

उन्होंने कहा कि 'प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को धन्यवाद देना चाहूंगी जिन्होंने शिक्षा पर काफी ध्यान दिया. आज प्लस टू शिक्षा गांव दूरदराज गांवों में भी दी जा रही है, जिससे लड़कियां अपनी पढ़ाई करती है तो उन्हें यह समझ में आ जाता है कि हमारा समाज कैसा होगा. लड़कियां शिक्षित ज्यादा हुई है और जनसंख्या भी घटी है. ऐसे में महिलाओं के बंध्याकरण हो तो पुरुषों की नसबंदी भी हो और इसमें पुरुषों को बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए. तभी जनसंख्या को नियंत्रण में किया जा सकता है.'