पटना: Lockdown को सफल बनाने के लिए सड़क पर उतरे DM-SSP, डंडा लेकर किया कुछ ऐसा

Bihar News: पटना के अधिकारियों का मानना है कि अगर राजधानी में लॉकडाउन का मैसेज सही गया तो सभी जिलों पर इसका बेहतर असर नजर आएगा.  

पटना: Lockdown को सफल बनाने के लिए सड़क पर उतरे DM-SSP, डंडा लेकर किया कुछ ऐसा
पटना में लॉकडाउन को सफल बनाने के लिए एएसपी व डीएम ने संभाला मोर्चा

Patna: बिहार में अगले 10 दिनों तक लॉकडाउन की स्थिति रहने वाली है. इसको लेकर सरकार के स्तर से गृह विभाग का नोटिफिकेशन भी आ चुका है. लॉकडाउन (Lockdown) की पहली तारीख को असरदार दिखाने के लिए पटना के एसएसपी (Patna SSP) खुद डंडा लेकर सड़कों पर नजर आए. यहां तक की पटना के डीएम भी लॉकडाउन को सख्ती से लागू करने को लेकर खूब पसीना बहाते नजर आए.

अधिकारियों का मानना था कि अगर पटना में लॉकडाउन का मैसेज सही गया तो सभी जिलों पर इसका बेहतर असर नजर आएगा. बिहार (Bihar) में 15 मई तक लॉकडाउन के रहने वाले हैं. अगले दस दिनों तक लोगों को विशेष परिस्थितियों में ही अपने घरों से निकलना होगा.

अगर लोग मनमानी करते नजर आएंगे तो पुलिस अपनी शैली में उनसे निपटेगी. कुछ ऐसे ही मैसेज के साथ लॉकडाउन के पहले दिन पटना की सड़कों पर एसएसपी और डीएम गस्त करते नजर आए. आमतौर पर कोरोना गाइडलाइन को लेकर लापरवाह लोगों को पटरी पर लाने के लिए पटना के एसएसपी खुद डंडा थामे घंटों पटना की सड़कों पर दौड़ते नजर आए.

एसएसपी के साथ पटना के डीएम भी लोगों से सख्ती से निपटते दिखाई दिये. पटना के हड़ताली मोड़ पर एसएसपी और डीएम ने एक घंटे तक गहन वाहन जांच का अभियान चलाया. इस मौके पर पटना डीएम चंद्रशेखर ने लोगों से लॉकडाउन नियमों के पालन की अपील की.

साथ ही ये भी कहा कि लॉकडाउन लोगों की सुरक्षा के लिए ही लगाया गया है. सरकार की तरफ से जारी निर्देशों का लोग हर हाल में पालन में करें,  तभी सब सुरक्षित रह सकेंगे. वहीं, पटना एसएसपी ने कहा कि पटना जिले में 50 जगहों पर पुलिस ने वाहन चेकिंग अभियान चलाया है. बिना वजह घर से बाहर निकलने वालों पर कार्रवाई की जा रही है.

पटना एसएसपी ने जांच के क्रम में पुलिस लिखे वाहन पर चालान कर दिया. गाड़ी वाले के पास गाड़ी बाहर निकालने की कोई बड़ी वजह नहीं थी. एसएसपी उपेन्द्र शर्मा ने कहा कि सड़कों पर ज्यादातर वही लोग नजर आ रहे हैं जो जरूरतमंद हैं.

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दवा दुकान हास्पीटल बैंक से जुड़े कर्मचारी ही नजर आ रहे हैं. जिनके पास घर से बाहर निकलने की वैध वजह नहीं है उन पर फाइन की जा रही है. पुलिस मोटर व्हीकल एक्ट के तहत भी करवाई कर रही है. लोगों को ये समझना होगा कि बिना जन सहयोग के ये मुहिम सफल नहीं बनायी जा सकती.

गौरतलब है कि पूरे बिहार में हर दिन 30 से 40 हजार पॉजिटिव केस पाए जा रहे थे. अकेले पटना में ढाई हजार से तीन हजार पॉजिटिव केस पाए जा रहे हैं. ऐसे में लॉकडाउन ही एकमात्र विकल्प था. लॉकडाउन को लेकर पटना उच्च न्यायालय की सख्त टिप्पणी के बाद सरकार ने लॉकडाउन का फैसला लिया.