बिहार में अब तक केवल 10 प्रतिशत ऑटो ही CNG में हुआ कन्वर्ट, सरकार की मुहिम को लग सकता है झटका

Bihar News: बिहार में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार लगातार कोशिश कर रही है लेकिन सरकार की इस मुहिम को लेकर ऑटो चालक सजग नहीं दिख रहे हैं.  

बिहार में अब तक केवल 10 प्रतिशत ऑटो ही CNG में हुआ कन्वर्ट, सरकार की मुहिम को लग सकता है झटका
बिहार में अब तक केवल 10 प्रतिशत ऑटो ही CNG में हुआ कन्वर्ट

Patna: बिहार में बढ़ते प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए पहले इलेक्ट्रिक व्हीकल और अब CNG गाड़ियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. बिहार सरकार की ये कोशिश सूबे में प्रदूषण कम करने के लिए है. लेकिन सरकार की ये मुहिम सफल होती नहीं दिख रही है. ऐसा इसलिए क्योंकि अभी भी 90 फीसदी से ज्यादा ऑटो को सीएनजी में कन्वर्ट नहीं हुए हैं जबकि 30 सितंबर तक सारे डीजल ऑटो को सीएनजी में बदलने का राज्य सरकार ने आदेश दे रखा है.

सरकार ने पिछले साल जारी किया था आदेश
बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर परिवहन विभाग ने पिछले साल आदेश किया, आदेश में बकायदा कहा गया कि 31 जनवरी तक राजधानी पटना में एक भी डीजल ऑटो का परिचालन नहीं होगा ,सभी डीजल ऑटो पहले सीएनजी में कन्वर्ट होंगे. तभी उनका परिचालन होगा लेकिन लक्ष्य पूरा ना होते देख और फिर कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन की वजह से परिवहन विभाग ने इस अवधि को बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया. बावजूद इसके 99 फीसदी डीजल ऑटो का कन्वर्जन सीएनजी ऑटो में नहीं हुआ है.

सब्सिडी को ऑटो चलाक बता रहे नाकाफी
ऑटो चालकों का कहना है कि डीजल ऑटो को सीएनजी ऑटो में बदलने पर 75 से 80 हजार रुपए खर्च आता है लेकिन सरकार केवल 40 हजार रुपए का ही सब्सिडी दे रही है. ऐसे में वो इतने सारे पैसों का इंतजाम वो कहां से करेंगे. ऑटो चालकों ने ये भी बताया कि सब्सिडी के पैसे के लिए उन्हें कई बार विभाग के चक्कर भी काटने पड़ते हैं.

डीजल ऑटो को सीएनजी में बदलने का ज्यादा है खर्च
पूरे मामले में गाड़ियों को सीएनजी में कन्वर्ट करने वाले सीएनजी किट के ओनर नीलेश कुमार सिंह का कहना है कि पेट्रोल ऑटो को सीएनजी में कन्वर्ट करने में कम खर्च आता है, जबकि डीजल में इसका खर्च दोगुना हो जाता है..इसलिए ऑटो चालक इससे बच रहे हैं.

(इनपुट-राजेंद्र मालवीय)