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जिग्नेश मेवाणी से मिले जेडीयू विधायक श्याम रजक, कहा दलितों के लिए पार्टी छोड़ने को तैयार

पटनाः बिहार में इन दिनों अलग तरह की राजनीति देखी जा रही है. सभी पार्टियां इन दिनों दलितों के सबसे बड़े मददगार के रूप में पहचान बनने में लगे हैं. इसके अलावा 14 अप्रैल को बाब साहेब भीमराव अंबेडकर का जन्मदिवस है इसलिए राजनीति में दलितों की बात ज्यादा उठायी जा रही है. चुकि 2019 में लोकसभा चुनाव है इसलिए दलित वोट बैंक को अपने पाले में करने के लिए कोई भी पार्टी पीछे नहीं रहना चाहती है. 

जिग्नेश मेवाणी से मिले जेडीयू विधायक श्याम रजक, कहा दलितों के लिए पार्टी छोड़ने को तैयार
दिल्ली में श्याम रजक और जिग्नेश मेवाणी में हुई मुलाकात.

पटनाः बिहार में इन दिनों अलग तरह की राजनीति देखी जा रही है. सभी पार्टियां इन दिनों दलितों के सबसे बड़े मददगार के रूप में पहचान बनने में लगे हैं. इसके अलावा 14 अप्रैल को बाब साहेब भीमराव अंबेडकर का जन्मदिवस है इसलिए राजनीति में दलितों की बात ज्यादा उठायी जा रही है. चुकि 2019 में लोकसभा चुनाव है इसलिए दलित वोट बैंक को अपने पाले में करने के लिए कोई भी पार्टी पीछे नहीं रहना चाहती है. प्रत्येक पार्टी में दलित नेता हैं जो अपने को दलित हितैषी करार देने में लगे हैं. इसके लिए वह कुछ भी करने को तैयार होने की बात करते हैं. हालांकि दलितों के लिए नेता क्या कर रहे हैं यह कहना मुश्किल है. लेकिन दलितों को न्याय दिलाने के लिए प्रत्येक पार्टी के दलित नेताओं की आवाज बुलंद है. दलित के नाम पर भारत बंद के दौरान दलित ही कुचले गए लेकिन किसी भी दलित नेता ने उन कुचले हुए दलितों को देखने नहीं गई. लेकिन वह किसी भी हद तक जाने को तैयार है ऐसा कह रहे हैं.

दलितों पर देश में भी राजनीति पूरे जोरों पर है. इन दिनों सभी दलित नेता एक जुट दिख रहे हैं. इस बीच दलितों के सबसे बड़े हितैषी कहे जाने वाले जिग्नेश मेवाणी, जो दिल्ली पहुंचे थे. बताया जाता है कि बिहार के जेडीयू विधायक श्याम रजक ने उनसे मुलाकात की है. दोनों के बीच मुलाकात की एक तस्वीर भी सामने आयी है.

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इस मुलाकात के बाद बिहार की राजनीति में हलचल भी मची है. हालांकि इस बारे में श्याम रजक का कहना है कि दलित वर्गों के साथ अन्याय हो रहा है. अगर दलितों के लिए हमें अगल पार्टी से हट कर भी काम करना पड़े तो करने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि वह दलित के लिए पहले स्टैंड लेंगे बाद में पार्टी और एलायंस के लिए हैं.

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हालांकि श्याम रजक ने कहा है कि दिल्ली में दलित नेताओं की बैठक थी, जिसमें जिग्नेश मेवाणी भी पहुंचे थे. सभी दलित नेताओं ने केंद्र सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि दलितों को न्याय देने के लिए उन्हें सविंधान के 9वीं अनुसूची में जोड़ें. सरकार के पास इसके अलावा कोई रास्ता नहीं है.

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वहीं, बिहार में आरजेडी के नेताओं ने जिग्नेश मेवाणी से श्याम रजक की मुलाकात को केवल नाटक बताया है. उनका कहना है कि यह केवल दलितों के वोट बैंक के लिए कोई भी खेल खेलने को तैयार हैं. चुकि जिग्नेश मेवाणी हमेशा बीजेपी के खिलाफ रहे हैं. और गुजरात चुनाव में भी उन्होंने बीजेपी के खिलाफ जहर उगला था. जिसके बाद भी श्याम रजक ने उनसे मुलाकात की है. यह बात गले में अटक रही है.