बीमारी से जूझना आसान है, पर महामारी से लड़ना कठिन है: मंगल पांडेय

Bihar Samachar: गुरुवार को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 121 टीका एक्सप्रेस को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा रवाना किया गया है, ताकि वैक्सीनेशन में तेजी आ सकें.

बीमारी से जूझना आसान है, पर महामारी से लड़ना कठिन है: मंगल पांडेय
बीमारी से जूझना आसान है.(फाइल फोटो)

Patna: बिहार में कोरोना (Corona) की धीमी रफ्तार को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय (Mangal Pandey) ने कहा है कि 'स्वास्थ्य विभाग की तत्परता और लोगों की जागरूकता से राज्यवासी कोरोना पर विजय प्राप्त कर रहे हैं. यह लोगों की सक्रियता का ही परिणाम है कि राज्य में कोरोना का संक्रमण दर एक फीसदी पर आ गई है. वहीं, रिकवरी रेट में लगातार इजाफा हो रहा और यह करीब 98 फीसदी पर आ गया है.' 

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साथ ही उन्होंने कहा कि 'इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग सतर्क है और आवश्यक संसाधन जुटा रहा है और इसी के चलते शुक्रवार को केंद्र से और 80 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पटना पहुंचे है.' पांडेय ने कहा कि 'विशेषज्ञों द्वारा तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल समेत जिला अस्पतालों में नीकू, पीकू एवं एसएनसीयू की व्यवस्था को दुरूस्त किया जा रहा है. साथ ही ब्लैक फंगस से बचाव हेतु दवा उपलब्धता पर विभाग द्वारा नजर रखी जा रही हैं. प्रति मरीज 4 से 5 लाख रुपए तक की दवा सरकारी अस्पतालों में ब्लैक फंगस (Black Fungus) के मरीजों को दी जा रही है. वहीं, अब तक लगभग 16 हजार एम्फोटेरिसीन इंजेक्शन राज्य के विभिन्न अस्पतालों में उपलब्ध कराए गए है.'

पांडेय ने कहा कि 'बीमारी से जूझना आसान है, पर महामारी से लड़ना कठिन है. इस युक्ति को घ्यान में रखकर बिहार सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ चरणबद्ध तरीके से कोरोना वायरस के खिलाफ जंग को जारी रखा है. इसके तहत ट्रेसिंग, टेस्टिंग, ट्रीटमेंट एवं ट्रैकिंग के तहत कार्रवाई करते हुए राज्य में संसाधन एवं बेहतर सुविधा को बढ़ाने लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. इसका सुखद परिणाम है कि बिहार आज कोरोना से जंग में सफलता प्राप्त कर रहा है.'

उन्होंने कहा कि  '1 मई 2021 को राज्य में कोरोना संक्रमण की दर जहां 16 प्रतिशत के करीब थी. वहीं एक महीने में यह दर मात्र 1 फीसदी रह गई है.  प्रतिदिन एक लाख से ज्यादा कोरोना सैंपलों की जांच हो रही है. राज्य में 5 चलंत आरटीपीसीआर जांच वाहनों द्वारा भी प्रतिदिन हजारों लोगों की कोरोना जांच की जा रही हैं.'

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स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि 'बिहार सरकार तीसरी लहर को लेकर विस्तृत कार्य योजना पर काम कर रही है. इसके तहत राज्य में टीकाकरण की रफ्तार को और ज्यादा गति देनी है. साथ ही विभाग द्वारा गांव एवं शहर में टीकाकरण के लिए बेहतर माहौल का निर्माण करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.'

उन्होंने कहा कि 'स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को टीकाकृत करने के लिए पूर्व से ग्रामीण क्षेत्रों में 718 टीका एक्सप्रेस चलाए जा रहे हैं. गुरुवार को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 121 टीका एक्सप्रेस को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) द्वारा रवाना किया गया है, ताकि वैक्सीनेशन में तेजी आ सकें.'