LJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने सांसद पशुपति पारस, प्रिंस राज के सवाल पर दिखाई 'आंख'

लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में 'बंगले' पर कब्जे को लेकर जारी खींचतान के बीच गुरुवार को चिराग पासवान के चाचा और सांसद पशुपति कुमार पारस को पार्टी का नया अध्यक्ष चुन लिया गया.

LJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने सांसद पशुपति पारस, प्रिंस राज के सवाल पर दिखाई 'आंख'
LJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने सांसद पशुपति पारस (फाइल फोटो)

Patna: लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में 'बंगले' पर कब्जे को लेकर जारी खींचतान के बीच गुरुवार को चिराग पासवान के चाचा और सांसद पशुपति कुमार पारस को पार्टी का नया अध्यक्ष चुन लिया गया. दरअसल, गुरुवार को एलजेपी के राष्ट्रीय परिषद की बैठक हुई. बैठक के बाद अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई. इसमें सिर्फ पशुपति कुमार पारस ने ही अध्यक्ष के लिए नामांकन किया.

इसके बाद चुनाव अधिकारी और पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सूरजभान सिंह ने पशुपति पारस को अध्यक्ष चुने जाने का ऐलान किया. सूरजभान सिंह ने कहा कि आज पार्टी चीफ के लिए चुनाव प्रक्रिया की गई, इसमें पशुपति पारस ने ही पर्चा भरा है. इस कारण उन्हें निर्विरोध पार्टी अध्यक्ष चुन लिया गया है. वहीं, राष्ट्रीय परिषद की बैठक में सांसद प्रिंस राज के नहीं शामिल होने पर सूरजभान सिंह ने कहा कि प्रिंस ने चिट्ठी पर हस्ताक्षर किया है. लोकसभा अध्यक्ष को चिट्ठी सौंपी गई है और ये सबने देखा है.

इधर, प्रिंस राज के मीटिंग में नहीं पहुंचने के सवाल पर पशुपति कुमार पारस भड़क गए. पशुपति कुमार पारस सवाल से नाराज हो गए और बिना जवाब दिए ही निकल गए. जबकि सांसद चंदन सिंह ने कहा कि प्रिंस  किसी कारण नहीं आ सके हैं, कहीं कोई इफ बट की गुंजाइश नहीं है. गौरतलब है कि प्रिंस राज पर एक लड़की ने यौन शौषण का आरोप लगाया है और इस मामले में दिल्ली पुलिस ने प्रिंस के खिलाफ शिकायत भी दर्ज की है. 

गौरतलब है कि पार्टी में घमासान मचने के बाद एलजेपी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में सूरजभान सिंह को कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया था. इसके अलावा चिराग को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था. पशुपति पारस संसदीय दल (लोकसभा) में पार्टी के नेता चुना गया था. जबकि चौधरी महबूब अली कैसर संसदीय दल (लोकसभा) में उपनेता चुना गया था और चंदन सिंह को लोकसभा में पार्टी का मुख्य सचेतक बनाया गया था. इसकी सूचना भी लोकसभा स्पीकर को भेज दी गई थी. 

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वहीं, चिराग पासवान के खेमें ने भी स्पीकर ओम बिरला को मेल किया था. इस मेल में उन्होंने कहा था कि वो पार्टी के 5 सांसदों को को निष्काषित कर चुके थे. ऐसे में अब वो संसदीय दल के नेता नहीं चुन सकते है और पशुपति पारस संसदीय दल के नेता नहीं बन सकते हैं.