कोरोना काल में भी मोदी सरकार ने बिहार के किसानों के खाते में भेजे 9100 करोड़: सुशील मोदी

Patna News: सुशील मोदी ने ट्वीट कर कहा कि केंद्र सरकार ने ऑक्सीजन व वैक्सीन की किल्लत को दूर करने के साथ ही बिहार के किसानों के खाते में 9100 करोड़ रुपये भेजे हैं.  

कोरोना काल में भी मोदी सरकार ने बिहार के किसानों के खाते में भेजे 9100 करोड़: सुशील मोदी
सुशील मोदी ने कहा कि केंद्र ने कोरोना से लड़ते हुए किसानों का ख्याल रखा है

Patna: बिहार में कोरोना का कहर जारी है. इस बीच, सुशील मोदी ने ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए वैक्सीन और ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने जैसी चुनौतियों के साथ ही किसानों और  गरीबों का ध्यान रखा है.

सुशील मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले बिहार के 8 करोड़ 71 लाख गरीबों को दो महीने तक पांच किलो अनाज मुफ्त देने की व्यवस्था की है. आज किसान सम्मान निधि की आठवीं किस्त के रूप में बिहार के 77 लाख 58 हजार किसानों के खाते में कुल 1579 करोड़  51 लाख रुपये ट्रांसफर हुए हैं.

सांसद सुशील मोदी के अनुसार, बिहार के किसानों को अब तक 9 हजार एक सौ करोड़ रुपये मिल चुके हैं. किसानों के हाथ में पैसे आने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा. राज्यसभा सांसद ने दावा किया है कि किसान सम्मान निधि के पैसे देने के साथ केंद्र सरकार ने पूरे देश में बढ़े हुए समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा और 58 हजार करोड़ रुपये बिना किसी बिचौलिये के किसानों के खाते में डाले.

गेहूं खरीद की यह राशि पिछले साल की तुलना में 49 फीसद ज्यादा है. इसमें से 66 फीसद राशि केवल हरियाणा, पंजाब के उन किसानों के खाते में गई, जिन्हें नये कृषि कानून और एमएसपी के नाम पर भड़काने के लिए कई हथकंडे अपनाए गए थे.

ये भी पढ़ें- Bihar में लॉकडाउन का दिखा सकारात्मक असर, लगातार दूसरे दिन दस हजार से कम मामले दर्ज

पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि बिहार में पिछले साल 3700 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था जबकि इस साल 58 हजार 702 मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है. उन्होंने कहा कि सरकार 2 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य प्राप्त कर लेगी.

केंद्र सरकार आम दिनों में और महामारी के समय भी पूरी ताकत के साथ किसानों के साथ खड़ी है, इसलिए दिल्ली में बिचौलियों और अमीर किसानों का प्रायोजित आंदोलन स्वाभाविक मौत के करीब है. बिहार के किसान राजद-कांग्रेस के झांसे में कभी नहीं आये, इसलिए यहां विपक्ष बंद हमेशा फ्लॉप रहा.