पश्चिम सिंहभूम: उर्दू विद्यालय का विलय करने का हो रहा विरोध, झामुमो-कांग्रेस विरोध में शामिल

पश्चिम सिंहभूम जिला के जगन्नाथपुर के मौलानगर प्राथमिक उर्दू विद्यालय और उर्दू मध्य विद्यालय के विलय का जोरदार विरोध शुरू हो गया है.

पश्चिम सिंहभूम: उर्दू विद्यालय का विलय करने का हो रहा विरोध, झामुमो-कांग्रेस विरोध में शामिल
1931 से चल रहे उर्दू मध्य विद्यालय में फिलहाल 253 छात्र पढते हैं.

आनंद प्रियदर्शी, पश्चिम सिंहभूम: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिला के जगन्नाथपुर के मौलानगर प्राथमिक उर्दू विद्यालयऔर उर्दू मध्य विद्यालय के विलय का जोरदार विरोध शुरू हो गया है. इस मामले को लेकर आज जगन्नाथपुर उर्दू मध्य विद्यालय में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की एक बैठक आयोजित की गई है जिसमें आंदोलन का रूपरेखा तय की जाएगी. अल्पसंख्यक विद्यालय के विलय का विरोध की अगुवाई झामुमो-कांग्रेस कर रहा है. 

गौरतलब है कि 1931 से चल रहे उर्दू मध्य विद्यालय में फिलहाल 253 छात्र पढते हैं, इस स्कूल में पहली कक्षा से 8 वीं कक्षा तक की पढाई होती है, जिसमें अल्पसंख्यक वर्ग के ही बच्चे पढाई करते हैं. इस स्कूल में 2 सरकारी शिक्षक और 3 पारा टीचर ही पढ़ाते हैं. इस विद्यालय में पहले मदरसा चलता था, बाद में जगन्नाथपुर के अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने मदरसे को स्कूल में परिवर्तित करने के लिए सरकार को हस्तांतरित कर दिया गया.

स्कूल की जमीन अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों ने सरकार को दान में दे दी. लेकिन सरकार की नई शिक्षण नीति के कारण पहले मौलानगर उर्दू प्राथिमक स्कूल का विलय कर दिया गया और अब उर्दू मध्य विद्यालय का विलय हो रहा है. दोनों अल्पसंख्यक विद्यालय के विलय का विरोध करने की योजना बनाई जा रही है. 

झामुमो नेता नवाज हुसैन का कहना है कि सरकार अल्पसंख्यक विद्यालयों का विलय कर शिक्षा के स्तर को गिराने पर तुली है, जिसका जोरदार विरोध होगा. झामुमो नेता का कहना है कि दोनों अल्पसंख्यक विद्यालयके विलय से जगन्नाथपुर में एक भी अल्पसंख्यक विद्यालय नहीं होगा. इससे अल्पसंख्यक छात्रों को अपने भाषा पढने में परेशानी होगी. यदि सरकार अल्पसंख्यक विद्यालय नहीं चलाना चाहती तो दान में दी गई जमीन वापस करें हम उसी विद्यालय में निजी तौर पर अल्पसंख्यक चलाएंगे.