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झारखंड: नगर निगम के रवैये से परेशान होकर लोगों ने श्रमदान कर बनाए पुल

बांस का पुल, पुल के ऊपर से लकड़ी की बैसाखी को सहारा बनाकर गुजरती बुज़ुर्ग महिला और लड़खड़ाता बचपन नगर निगम की व्यवस्था की फोल खोलने के लिए काफी है.

झारखंड: नगर निगम के रवैये से परेशान होकर लोगों ने श्रमदान कर बनाए पुल
लोगों ने श्रमदान कर बना लिए पुल.

रांची: झारखंड की राजधानी रांची के कांटा टोली का रविदास मोहल्ला नगर निगम के रवैये से इस कदर परेशान हो गया कि मोहल्ले के लोगों ने श्रमदान कर पुल का ही निर्माण कर दिया. तकरीबन डेढ़ साल से एक पुल के लिए तरस रही लगभग 10 हजार की आबादी निगम से हार गई और खुद पुल का निर्माण कर दिया. 

बांस का पुल, पुल के ऊपर से लकड़ी की बैसाखी को सहारा बनाकर गुजरती बुज़ुर्ग महिला और लड़खड़ाता बचपन नगर निगम की व्यवस्था की फोल खोलने के लिए काफी है.

लोगों की मांग पर पुल का शिलान्यास कर शिलापट तो लगा दिया गया, लेकिन दो महीने गुजर जाने के बाद भी काम शुरू नहीं किया गया. लोग लगातार परेशानी झेल रहे थे. मोहल्ले के लोगों के मुताबिक, टूटे पुल की वजह से कई हादसे हुए हैं. इसके बावजूद निगम की नींद नहीं टूटी. निगम की कार्यप्रणाली से तंग आकर स्थानीय लोगों ने श्रमदान कर पुल निर्माण का जिम्मा उठाया. लोगों ने श्रमदान कर बांस के स्थाई पुल का निर्माण कर दिया.

भले ही स्थानीय लोगों ने श्रमदान कर स्थाई पुल का निर्माण कर दिया हो, लेकिन इनकी नाराजगी और नगर निगम की कार्यप्रणाली ने इस मोहल्ले में वोट के रास्ते बंद कर दिए. लोग का साफ तौर पर कहना है कि अगर उनके पुल का निर्माण नहीं हुआ तो उन्हें मजबूरन चुनाव बहिष्कार करना पड़ेगा.

इस मामले पर नगर निगम के उपमहापौर संजीव विजयवर्गीय का कहना है कि पुल के निर्माण को लेकर तमाम प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. टेंडर भी हो गए हैं. बजट भी पास कर दिया गया है, लेकिन बीते दिनों बारिश हो रही थी, इसी वजह से निर्माण शुरू नहीं हो पाया. अब कुछ दिनों के अंदर ही इसका निर्माण कार्य शुरू कर पुल का निर्माण कर दिया जाएगा.