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बगहा : आदिवासी बहुल इस गांव में श्रमदान और चंदा से हो रहा है स्कूल भवन का निर्माण

कभी नक्सलियों का गढ़ रहे इस गांव में आज भवन निर्माण की धूमधाम से तैयारी चल रही है. समाज की महिलाएं भी शिक्षा के मंदिर के निर्माण में बढ़-चढ़ कर पुरुषों के कदमताल कर रही हैं.

बगहा : आदिवासी बहुल इस गांव में श्रमदान और चंदा से हो रहा है स्कूल भवन का निर्माण
बगहा के इस गांव में चल रहा है स्कूल भवन का निर्माण.

बगहा : मंजिल उन्हें मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से नहीं हौसलों से उड़ान होती है. जी हां, इन पंक्तियों को चरिर्तार्थ किया है बिहार के बगहा में एक गांव के लोगों ने. बच्चों में शिक्षा की अलख जगाने के लिए एक अनूठी मिशाल पेश की है. आदिवासी बहुल थरुहट के कुनई गांव के लोग सरकारी उदासीनता के बीच बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए श्रमदान और चंदा इकठ्ठा कर स्कूल का भवन बना रहे हैं. 

कभी नक्सलियों का गढ़ रहे इस गांव में आज भवन निर्माण की धूमधाम से तैयारी चल रही है. समाज की महिलाएं भी शिक्षा के मंदिर के निर्माण में बढ़-चढ़ कर पुरुषों के कदमताल कर रही हैं.

जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर बगहा का कुनई गांव कभी नक्सलियों का गढ़ रहा है, लेकिन आज यहां अमन और शांति के साथ-साथ शिक्षा के लिए लोग अलख जगा रहे हैं. शिक्षा विभाग की उदासीनता के कारण यहां का स्कूल भवन जर्जर था. यही वजह था कि बच्चे स्कूल जाने से डरते थे. अब ग्रामीणों ने चंदा इकठ्ठा कर और श्रमदान से स्कूल भवन बनाने के लिए मुहिम चला रखा है.

300 से अधिक लोगों की आबादी वाले इस गांव में हर कोई अपनी क्षमता के हिसाब से स्कूल भवन निर्माण में मदद कर रहा है. लोग श्रमदान कर रहे हैं. चंदा इकट्ठा किया जा रहा है. एक, दो नहीं बल्कि पांच कमरों के निर्माण के लिए अब तक पांच लाख रुपये की राशि भी इकट्ठा हो गई है. गांव के ही एक व्यक्ति ने डेढ़ एकड़ जमीन स्कूल के लिए दान दे दी. गांव के मुखिया भी इस सामुहिक प्रयास में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं.