बिहार: पटना में लोग प्रदूषण से परेशान, PM 2.5 सामान्य से काफी अधिक

बिहार पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. आशोक कुमार घोष बताते हैं कि प्रदूषण का स्तर हर साल इस मौसम में इसी तरह से बना रहता है. नवंबर महीने से पॉलूशन का लेवल बढ़ने लगता है, जो फरवरी तक चलता है. 

बिहार: पटना में लोग प्रदूषण से परेशान, PM 2.5 सामान्य से काफी अधिक
पटना में प्रदूषण से हालत खराब. (फाइल फोटो)

पटना: बिहार की राजधानी पटना में प्रदूषण (Air Pollution) से लोगों का दम फूल रहा है. जहरीली हवा लोगों को बीमार कर रही है. प्रदूषण का आलम यह है कि एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पर चली गई है, जो दिल्ली से कई गुणा अधिक है. हवा में PM 2.5 की मात्रा सामान्य से काफी अधिक है. सुबह में यह मात्रा और अधिक रहती है. सुबह आठ बजे PM 2.5 की मात्रा घातक स्तर तीन से भी अधिक है. साथ ही O3 का स्तर 22.6 और SO2 का स्तर 13.9 दर्ज किया गया है.

बिहार पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. आशोक कुमार घोष बताते हैं कि प्रदूषण का स्तर हर साल इस मौसम में इसी तरह से बना रहता है. नवंबर महीने से पॉलूशन का लेवल बढ़ने लगता है, जो फरवरी तक चलता है. मौसम जब गर्म होता है तब पटना का प्रदूषण स्तर ठीक रहता है. उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में गर्म हवा ऊपर निकल जाती है और ठंड हवा भारी होकर अपने साथ धूलकण लिए नीचे पहुंच जाती है.

उन्होंने कहा है कि पटना में पॉल्यूशन के कई कारण हैं. पटना की भौगोलिक स्थिति से लेकर आम लोगों के रहन-सहन से हवा प्रदूषित हो रही है. शहर मिट्टी सॉफ्ट है, जे कि ज्यादा धूल बनाती है. इसके अलावा पटना के आस-पास ग्रामीण क्षेत्रों में उपले से आज भी खाना पकाया जाता है. ठंड से बचने के लिए लोग लकड़ियां जलाते हैं. हवा की कोई सीमा नहीं होती है इसलिए प्रदूषित हवाएं पटना शहर तक पहुंच जाती है. पटना के सड़कों के किनारे भी कोयले पर दुकानदार लिट्टी, चाय इत्यादि बनते हैं. इससे भी हवा प्रदूषित होती है. साथ ही सड़कों पर पुराने वाहन और ज्यादा गाड़ियों के चलने से भी प्रदूषण फैल रहा है.

प्रदूषण से बचने के सवाल पर उन्होंने कहा है कि सरकारी स्तर पर की गई तैयारी काफी नहीं है. लोगों को भी इसे देखना होगा. हर घर में कम से कम पांच पेड़ लगाना होगा. पटना की आबादी के हिसाब से पेड़ लगे तो पटना की हवा काफी सुधर जाएगी. सरकारी स्तर पर काम हो रहे हैं लेकिन, उसका स्पीड ठीक नहीं है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष अशोक घोष ने आम लोगों से अपील की है कि वे सौ दो सौ मीटर की दूरी पैदल तय करें. थोड़ी दूरी भी लोग गाड़ी से आने-जाने लगे हैं. कार पुलिंग से लेकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का भी इस्तेमाल करें.

प्रदूषण के सवाल पर वे आगे बताते हैं कि पटना की हवा जितनी प्रदूषित दिखती है उतनी है नहीं. पटना में एक मात्र पॉल्यूशन मानिटरिंग सिस्टम लगा हुआ है. इसलिए सटीक जानकारी नहीं मिलती. पटना की मानिटरिंग मशीन तारा मंडल के पास लगा हुआ है. वहां पर सबसे ज्यादा प्रदूषण है. उन्होंने बताया कि ऐसा नहीं है कि तारा मंडल और ईको पार्क का प्रदूषण एक जैसा है.