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बिहार पर मुसीबतों का पहाड़, बाढ़ ने छोडा पीछा तो अब बीमारी कर रहा परेशान

 बाढ़ क्षति के नुकसान का जायजा लेने आई केन्द्रीय टीम ने भी माना है कि बिहार को नुकसान हुआ है. बाढ़ से 15 जिलों में 21 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.

बिहार पर मुसीबतों का पहाड़, बाढ़ ने छोडा पीछा तो अब बीमारी कर रहा परेशान
में 10 से 12 अक्टूबर तक तीन दिवसीय डेंगू जांच शिविर लगाने का फैसला स्वास्थ्य विभाग ने किया है.

पटना: बिहार में मुसीबत खत्म होने का नाम नहीं ले रही. बाढ से अभी लोगों को पूरी तरह राहत ही नहीं मिली थी कि अब बीमारी ने अपना पैर पसराना शुरू कर दिया है. इधर बाढ़ क्षति के नुकसान का जायजा लेने आई केन्द्रीय टीम ने भी मान है कि बिहार को नुकसान हुआ है. बाढ़ से 15 जिलों में 21 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.

पानी ने बिहार के लोगों की जिंदगानी को नरक बना दिया है. बाढ के कम होते असर से लोगों ने राहत की सांस ली ही थी कि अब बीमारी ने लोगों को अपने आगोश में लेना शुरु कर दिया है. डेंगू के मरीजों की तादाद हर रोज बढती जा रही है. लगभग 100 मरीज तो हर रोज पीएमसीएच डेंगू की जांच के लिए पहुंच रहे हैं. 

बीते 7 दिनों में अबतक 5 सौ से ज्यादा मरीजों ने पीएमसीएच में डेंगू के जांच कराये हैं. लेकिन पीएमसीएच में डेंगू मरीजों को एडमिट करने के लिए केवल 40 बेड ही उपलब्ध हैं. ऐसे में मरीजों को प्राईवेट हास्पीटल या फिर दूसरे सरकारी अस्पताल में भी उम्मीद तालाशनी पर रही है. डेंगू के बढते प्रभाव को देखते हुए पटना के पीएमसीएच और एनएमसीएच में 10 से 12 अक्टूबर तक तीन दिवसीय डेंगू जांच शिविर लगाने का फैसला स्वास्थ्य विभाग ने किया है.

इधर पटना की बात करें तो पटना के कई इलाकों में अभी भी जलजमाव की स्थिती बरकरार है. राजेन्द्र नगर कंकडबाग, भूतनाथ रोड, भागवत नगर, गोला रोड, मिथिली कॉलोनी और दानापुर के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिती बरकरार है. जिसके कारण बीमारी की आशंका और बढ गयी है.

 बिहार में बाढ के हालात का जायाजा लेने पहुंची केन्द्रीय टीम ने अपना काम पूरा कर लिया है. केन्द्रीय टीम ने भी माना कि बिहार में बाढ के दूसरे चरण में 15 जिलों के 21 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. बिहार ने पहले चरण के बाढ को लेकर 27 सौ करोड रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग केन्द्र से की है. केन्द्र की ओर से 631 करोड रुपये एडवांस के तौर पर पैसे स्वीकृत दे दी गयी है. दूसरे चरण के नुकसान का आकलन अभी जारी है.

वैसे दूसरे चरण के बाढ के बाद जल संसाधन विभाग ने अपनी क्षति का आकलन 127 करोड का किया है. यानी दोनों चरणों की क्षति मान ली जाए तो अकेले जलसंसाधन विभाग ने अपनी क्षति कुल 600 करोड की बतायी है. वहीं दूसरे चरण में ईलाको से पानी निकलने के बाद कृषि विभाग अपनी क्षति का आकलन करेगा. वहीं केन्द्रीय टीम ने शहरों में हुई क्षति पर भी केन्द्रीय सहायता दिये जाने का भरोसा दिलाया है.

इस बीच सीएम नीतीश कुमार ने रविवार को बेगुसराय, खगडिया, भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया इलाके में हुई तबाही का आकलन हवाई सर्वे के जरिये किया और राहत कार्य बडे पैमाने पर चलाने के निर्देश दिये. वहीं सीएम के प्रधान सचिव चंचल कुमार को सोमवार को भागलपुर में कैंप लगाकर राहत कार्यों की मॉनिटरिंग का निर्देश भी दिया गया है.