झारखंड: हेमंत सरकार के पत्थलगड़ी मामले में केस वापस लिए जाने पर लोगों ने ली राहत

हेमंत सरकार द्वारा पत्थलगड़ी मामले में दर्ज केस को वापस लिए जाने के फैसले का खूंटी के स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है. गांव के लोगों की माने तो इस फैसले की वजह से उन्होंने राहत की सांस ली है.  

झारखंड: हेमंत सरकार के पत्थलगड़ी मामले में केस वापस लिए जाने पर लोगों ने ली राहत
. गांव के लोगों की माने तो इस फैसले की वजह से उन्होंने राहत की सांस ली है.

रांची: हेमंत सरकार द्वारा पत्थलगड़ी मामले में दर्ज केस को वापस लिए जाने के फैसले का खूंटी के स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है. गांव के लोगों की माने तो इस फैसले की वजह से उन्होंने राहत की सांस ली है.

दरअसल इस आंदोलन के तहत आदिवासियों ने बड़े-बड़े पत्थरों पर संविधान की पांचवीं अनुसूची में आदिवासियों के लिए दिए गए अधिकारों को लिखकर उन्हें जगह-जगह जमीन पर लगा दिया जाता था. यह आंदोलन काफी हिंसक भी हुआ था.

इस दौरान पुलिस और आदिवासियों के बीच जमकर संघर्ष हुआ. कैबिनेट के इस फैसले से स्थानीय काफी खुश हैं. हालांकि कुछ लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है. उनका कहना है कि ऐसा फैसला कैबिनेट ने लिया है तो यह गरीब आदिवासियों के हक में होगा.

वहीं, आज संवाददाताओं से बाद करते हुए मंत्री रामेश्वर उरांव ने भी कहा कि पत्थलगड़ी आदिवासियों की सभ्यता और संस्कृति रही है. इसके साथ खिलवाड़ करना सही नहीं है. हालांकि संविधान का कुछ विवरण पत्थलगड़ी के दौरान लोगों ने गलत किया था लेकिन वो देशद्रोही नहीं हो सकते. आदिवासी हमेशा से देशभक्त के रूप में रहे हैं.