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PM मोदी साहिबगंज को देंगे मल्टीमॉडल बंदरगाह की सौगात, 24 लाख टन होगी क्षमता

इस बंदरगाह का इस्तेमाल कर राजमहल से पाकिस्तान में भट्टा तक जाने के लिए कॉपर रोड था, जो तेलियागढ़ी होकर भागलपुर, मुंगेर, पटना, बनारस, इलाहाबाद से दिल्ली जाता था. 

PM मोदी साहिबगंज को देंगे मल्टीमॉडल बंदरगाह की सौगात, 24 लाख टन होगी क्षमता
पीएम मोदी का आज झारखंड दौरा. (फाइल फोटो)

साहिबगंज: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) साहिबगंज को मल्टीमॉडल बंदरगाह की सौगात देने जा रहे हैं. यह पहली बार नहीं है, जब साहिबगंज (Sahibganj) में देश-विदेश से जहाज आएंगे. प्राचीन और मध्य काल में कारोबार के लिए साहिबगंज की पहचान पूरे एशियाई और यूरोपीय बाजार में थी. प्राचीन राजमहल, मध्यकालीन राजमहल और तेलियागढ़ी में बने बंदरगाह काफी बड़े थे, जिसका जिक्र चीनी यात्री ह्वेनसांग ने अपनी पुस्तक लाइफ ऑफ ह्वेनसांग में किया है.

ह्वेनसांग के अनुसार इस बंदरगाह का इस्तेमाल कर राजमहल से पाकिस्तान में भट्टा तक जाने के लिए कॉपर रोड था, जो तेलियागढ़ी होकर भागलपुर, मुंगेर, पटना, बनारस, इलाहाबाद से दिल्ली जाता था. 17वीं शताब्दी में राजमहल को बिहार, बंगाल और ओडिशा की राजधानी होने का सौभाग्य प्राप्त था. किसी जमाने में गंगा नदी से होकर साहिबगंज का कारोबार बांग्लादेश, भूटान और म्यांमार जैसे देशों के साथ था, लेकिन पिछली सरकारों की इच्छाशक्ति की कमी के कारण साहिबगंज पिछड़ता चला गया.

अब एक बार फिर साहिबगंज में बंदरगाह शुरू होने जा रहा है, जो नेपाल, बांग्लादेश और बंगाल की खाड़ी को जोड़ेगा. साहिबगंज मल्टीमॉडल बंदरगाह बनाने में करीब 467 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं. बंदरगाह की क्षमता 24 लाख टन सालाना होगी. बंदरगाह पर दो जलयानों की बर्थिंग की जगह है, साथ ही स्टॉक यार्ड, कनवेयर बेल्ट, बार्ज लोडर जैसी आधुनिक सुविधाएं भी होंगी.

ये टर्मिनल बंगाल की खाड़ी के रास्ते झारखंड को दुनिया से जोड़ेगा. साहिबगंज में मल्टीमॉडल टर्मिनल विकास की नई आशा है. इसके जरिए रोजगार के डेढ़ लाख नए अवसर पैदा होंगे. साथ ही बेहतर नदी परिवहन से झारखंड में निवेश भी बढ़ेगा. इलाहाबाद, वाराणसी होते हुए पटना, बक्सर के रास्ते जलयान साहिबगंज पहुंचेंगे और फिर बंगाल के हल्दिया होते हुए बांग्लादेश के रास्ते नार्थ ईस्ट तक जहाजों की पहुंच होगी.

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साहिबगंज के इतिहास की ये पहली योजना है, जिसका शिलान्यास और उद्घाटन एक ही सरकार के कार्यकाल में पूरा हो रहा है. मल्टीमॉडल बंदरगाह साहिबगंज का न केवल शान है, बल्कि यहां से होकर पूरे राज्य की विकास की गाथा लिखी जाएगी. स्थानीय व्यापारी मानते हैं कि जल परिवहन से माल की ढुलाई कम कीमत में होगी, दूसरे राज्य और देश से सीधा कारोबार होगा और बड़े-बड़े उद्योग धंधे भी लगेंगे. इससे न सिर्फ संथाल बल्कि पूरे प्रदेश का और तेजी से विकास होगा. मल्टीमॉडल बंदरगाह बनने से ट्रांसपोर्टिंग की सबसे बड़ी समस्या का अंत हो जाएगा. वहीं, शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में भी बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा.

पटना और वाराणसी से सीधा संपर्क रहेगा, जिससे उच्च शिक्षा के लिए पटना और वाराणसी की राह यहां के छात्रों के लिए आसान हो जाएगी. साहिबगंज मल्टीमॉडल टर्मिनल को सड़क, रेल और वायुमार्ग से भी जोड़ा जाएगा, जिससे साहिबगंज की पहचान एक औद्योगिक हब के रूप में होगी.