झारखंड चुनाव: डैमेज कंट्रोल में जुटी BJP, PM मोदी, शाह के सहारे जीत की तैयारी

सूत्रों का कहना है कि सरयू राय (Saryu Rai) सरीखे नेता के पार्टी छोड़ने और ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (AJSU) का साथ छूट जाने का प्रभाव इस चुनाव में न पड़े, इसके लिए बीजेपी ने डैमेज कंट्रोल प्रारंभ कर दिया है.

झारखंड चुनाव: डैमेज कंट्रोल में जुटी BJP, PM मोदी, शाह के सहारे जीत की तैयारी
पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह. (फाइल फोटो)

रांची: झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand assembly Election) की घोषणा और उसके बाद टिकट बंटवारे को लेकर उपजे असंतोष के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) अब 'डैमेज कंट्रोल' में जुट गई है. बीजेपी अब दिग्गजों के भरोसे झारखंड विधनसभा चुनाव फतह करने की कोशिश में है. सूत्रों के अनुसार, बीजेपी को चुनावी मझधार पार कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) अब यहां छह से आठ चुनावी सभाओं को संबोधित कर सकते हैं.

बीजेपी के टिकट बंटवारे से नाराज कई 'अपने' बगावत कर दूसरे दलों में चले गए और वे वहां से टिकट लेकर चुनावी मैदान में बीजेपी प्रत्याशियों के खिलाफ दमखम ठोंक रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि सरयू राय (Saryu Rai) सरीखे नेता के पार्टी छोड़ने और ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (AJSU) का साथ छूट जाने का प्रभाव इस चुनाव में न पड़े, इसके लिए बीजेपी ने डैमेज कंट्रोल प्रारंभ कर दिया है.

पार्टी अब अपने स्टार प्रचारकों को अधिक से अधिक क्षेत्रों में पहुंचाने की कोशिश में जुटी है. बीजेपी के झारखंड प्रदेश महामंत्री दीपक प्रकाश ने आईएएनएस को बताया, 'पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) 21 नवंबर को लातेहार के मनिका और लोहरदगा में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे. जबकि उसके अगले दिन यानी 22 नवंबर को पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) चुनावी मोर्चा संभालने झारखंड पहुंचेंगे. नड्डा लातेहार में जनसभा को संबोधित करेंगे तथा उसके बाद पलामू में विधानसभा कोर समिति की बैठक लेंगे, जहां पार्टी के नेताओं को चुनावी टिप्स देंगे.'

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) 22 नवंबर को ही पलामू जिले के विश्रामपुर में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे. इसके बाद वह उसी दिन राजधानी रांची में पत्रकारों से बात करेंगे.

बीजेपी के एक नेता के अनुसार, प्रदेश बीजेपी अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी अधिक से अधिक समय प्रचार के लिए चाहती है. पहले बीजेपी की रणनीति प्रधानमंत्री की यहां चार-पांच चुनावी सभाएं आयोजित करने की थी, लेकिन अब इन चुनावी सभाओं की संख्या बढ़ाकर 8-9 की जा सकती हैं. सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री 25 नवंबर को पलामू और गुमला में सभाएं कर सकते हैं.

बीजेपी सूत्रों का कहना है कि पार्टी राष्ट्रीय मुद्दों को तो चुनाव में उठाएगी ही, परंतु स्थानीय मुद्दों को ज्यादा तरजीह दी जाएगी. बीजेपी ने चुनावी गतिविधियों पर नजर रखने लिए रांची में वार रूम बनाया है, जहां से चुनावी गतिविधियों को समझा जा सकता है.

सूत्रों के अनुसार, बीजेपी इस चुनाव में आदिवासी बहुल सीटों पर ज्यादा ध्यान दे रही है. यही कारण है कि संथाल परगना क्षेत्रों पर बीजेपी के नेता पूरा जोर लगाए हुए हैं. बीजेपी इस चुनाव में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को भी चुनावी सभाओं के लिए उतारेगी.

इसके अलावा बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के सांसदों को भी झारखंड में प्रचार में उतारने की योजना है. बिहार के कई नेता और कार्यकर्ता पहले से ही झारखंड के चुनावी अभियान में उतरे हुए हैं. गौरतलब है कि 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा के चुनाव के लिए 30 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच पांच चरणों में मतदान होने हैं. नतीजे 23 दिसंबर को आएंगे.