मंडल डैम से होगी 1.11 लाख हेक्टेयर जमीन की सिंचाई, बिहार के किसानों को भी होगा फायदा

इस परियोजना में लगभग 2391 करोड़ रुपए खर्च होने हैं. अबतक कुल 769 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं.

मंडल डैम से होगी 1.11 लाख हेक्टेयर जमीन की सिंचाई, बिहार के किसानों को भी होगा फायदा
मंडल डैम से लाखों हेक्टेयर जमीन की होगी सिंचाई. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

चंदन कुमार, पलामू : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को झारखंड दौरे पर आएंगे. पलामू में उनके कार्यक्रम को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. पीएम दिन के ग्यारह बजे चियांकी हवाई अड्डा पहुंचेंगे और कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. पीएम की आगवानी के लिए सीएम रघुवर दास पलामू पहुंच चुके हैं. शुक्रवार को पलामू पहुंचकर सीएम रघुवर दास ने सारी तैयारियों का जायजा लिया. इस दौरान सीएम ने कहा कि पलामू प्रमंडल के किसानों के लिये राज्य सरकार गंभीर है.

पलामू दौरे पर पीएम मोदी मंडल डैम परियोजना की आधारशिला रखेंगे. इस परियोजना में लगभग 2391 करोड़ रुपए खर्च होने हैं. अबतक कुल 769 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं.

पंडल डैम परियोजना वर्षों से लंबित पड़ा है. 1972 में इसकी शुरुआत हुई थी. 1983 में तत्कालीन केन्द्र सरकार ने इसकी आधारशिला भी रखी थी, लेकिन 1993 से यह परियोजना बंद पड़ा है. चीफ इंजीनियर की हत्या के कारण बंद हो गया था. निर्माण कार्य बंद होने के पीछे नक्सलवाद को मुख्य कारण बताया गया. दस्तावेजों पर वन आप्पति के कारण काम बंद का जिक्र किया गया है.

2018 में केंद्रीय कैबिनेट ने 1622 करोड़ की राशि की फिर से स्वीकृति दी. जून 2018 में केन्द्र सरकार की टीम ने स्थल का निरीक्षण किया. आज यानी पांच जनवरी को पीएम मोदी आधारशिला रखेंगे.

इस डैम परियोजना से बिहार-झारखंड की 1.11 लाख हेक्टयर भूमि की सिंचाई होगी. 190 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी का भंडारण होगा. पलामू के साथ-साथ गढ़वा और बिहार के गया, औरंगाबाद, अरवल और जहानाबाद को इसका फायदा होगा. डैम से उत्पन्न बिजली से पलामू प्रमंडल के उपभाक्ताओं को दिया जाएगा. वहीं, पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र का बड़ा इलाका डूब क्षेत्र में जाएगा. इस परियोजना से पीटीआर समेत 1000 हेक्टेयर वनभूमि डूब क्षेत्र में आएगा.
 
डैम की गेट की ऊंचाई पहले 367 मीटर प्रस्तावित था. डूब क्षेत्र घटाने के लिए इसे कम किया गया है. अब 341 मीटर की ऊंचाई तक पानी का स्टॉक रहेगा.