वशिष्ठ नारायण सिंह की मृत्यु के बाद किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई: PMCH अधीक्षक

 वशिष्ठ नारायण सिंह के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें किसी तरह की मदद नहीं दी गई. अब इस मामले पर पीएमसीएच के अधीक्षक राजीव रंजन ने बयान दिया है. राजीव रंजन ने कहा है कि पीएमसीएच में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है.

वशिष्ठ नारायण सिंह की मृत्यु के बाद किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई: PMCH अधीक्षक
पीएमसीएच के अधीक्षक राजीव रंजन ने बयान दिया है.

पटना: महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह का गुरुवार को बिहार की राजधानी पटना में निधन हो गया. वह 77 साल के थे. वशिष्ठ नारायण सिंह अपने परिवार के साथ पटना के कुल्हरिया कंपलेक्स में रहते थे. मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह अचानक उनकी तबियत खराब हो गई. जिसके बाद तत्काल परिजन पीएमसीएच लेकर गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

वशिष्ठ नारायण सिंह की मृत्यु के बाद पीएमसीएच की लापरवाही सामने आई है. दरअसल काफी देर तक वशिष्ठ नारायण सिंह का शव पीएमसीएच के बाहर इमरजेंसी में रखा रहा. एंबुलेंस के इंतजार में शव रखा हुआ था. बाद में पटना की एसडीओ एम्बुलेंस के साथ पीएमसीएच पहुंची. उन्होंने कहा कि हमें 10 मिनट पहले सूचना मिली तब हम आए हैं. 

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वहीं, वशिष्ठ नारायण सिंह के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें किसी तरह की मदद नहीं दी गई. अब इस मामले पर पीएमसीएच के अधीक्षक राजीव रंजन ने बयान दिया है. राजीव रंजन ने कहा है कि पीएमसीएच में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है.

उन्होंने कहा कि जानकारी मिलने ही हमने चिकित्सकों को निर्देश दिया था. पुलिस को सूचना देने का नियम है लेकिन हमने ऐसा नहीं किया. मृत्यु सर्टिफिकेट बनाकर देने का भी निर्देश दिया था. हमलोगों को लगा था कि पास में रहते हैं बिना एंबुलेंस के चले जाएंगे.

एंबुलेंस के बारे में भी पता चलते ही निर्देश दिया गया. अगर कोई शिकायत है तो हम उसकी जांच करवा लेंगे. अगर कोई लिखित देगा तो हम कार्रवाई भी करेंगे.