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अपराधियों का खौफ लोगों से खत्म करने के लिए कुख्यात को गिरफ्तार कर नगर में घुमाया

रंगदारी और हत्या मामले का मुख्य आरोपी पुलिस और लोगों के लिए सिर दर्द बना था. पुलिस ने आरोपी समेत उसके एक सहयोगी को एक देशी कट्टा एवं एक ज़िंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया है.

अपराधियों का खौफ लोगों से खत्म करने के लिए कुख्यात को गिरफ्तार कर नगर में घुमाया
बिक्रम में पुलिस ने दो कुख्यात आरोपी को गिरफ्तार किया है.

चंदन/विक्रमः राजधानी पटना स्थित बिक्रम में पिछले एक माह से रंगदारी और हत्या का मुख्य आरोपी सिर दर्द बना है. लेकिन पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत उसके एक सहयोगी को एक देशी कट्टा एवं एक ज़िंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल ले जाते समय नगर भ्रमण कराया ताकि कारोबारियों के मन से अपराधियों का खौफ समाप्त हो.

पालीगंज डीएसपी मनोज कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में थानाध्यक्ष चन्दन कुमार ने बिक्रम नगर बाजार में पिछले एक माह से बढ़ते रंगदारी मामले को चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए अबतक पंद्रह बदमाशों को जेल भिजवाया हैं तथा दस हथियार भी बरामद किया हैं. 

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार दोनों बदमाश बिक्रम का आतंक बापजी गिरोह का मुख्य संचालक है. इसपर पहले से भी हत्या लूट और रंगदारी का मामला बिहार और झारखंड में भी दर्ज है. इस दोनो कुख्यात गुर्गे को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल ले जाते समय नगर भ्रमण कराया ताकि कारोबारियों के मन से अपराधियों का खौफ समाप्त हो तथा पुलिसिया कार्रवाई पर विश्वास जगे. 

गिरफ्तार अपराधी बिक्रम थाना के गोरखरी निवासी हरेन्द्र कुमार सिंह और रानीतालाब थाना के बुद्धू छपरा निवासी राहुल कुमार बताया जाता है. दोनों को पुलिस द्वारा कड़ी पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में न्यायालय भेजा गया. जानकारी के अनुसार हरेंद्र सिंह बाप जी गिरोह को संचालित कर रहा था. वह पत्नी की हत्या समेत आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामलो मे फरार वांछित अपराधी था. 

हाल के दिनों मे बाप जी गिरोह को लीड कर रहा था. मजे की बात यह है कि गिरफ्तार हरेंद्र सिंह इधर रंगदारी की मांग कर के अमरनाथ दर्शन के लिए चला गया था. जिसपर पुलिस की नज़र बनी हुई थी और वह जैसे ही ट्रेन से उतरा पालीगंज डीएसपी मनोज कुमार पांडे ने सुरक्षा बल के सहयोग से उसे धर दबोचा. उन्होंने इसके लिए पहले से ही जाल बिछा रखी गई थी. 

डीएसपी ने बताया कि राहुल सैदाबाद में किराया का मकान लेकर पढ़ाई का बहाना बना कर रहता था और उसी मकान में लगभग आठ लोगों के साथ आपराधिक घटनाओं का प्लान करता था. बिक्रम रंगदारी मांगने वाले गिरोह में वह भी सक्रिय रहा है तथा पुलिस को कई साक्ष्य भी बरामद हुए हैं. उन्होंने कहा कि पालीगंज अनुमंडल क्षेत्र में रंगदारी का मामला नहीं चलेगा और कारोबारियों के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा के प्रति पुलिस सजग और तत्पर है. उन्होंने कहा कि बिक्रम के कारोबारी संतोष की हत्या में शामिल बदमाशों एवं उन्हें प्रश्रय तथा संरक्षण देने वालों को भी चिह्नित किया जा चुका है और बहुत जल्द कार्रवाई भी होगी.