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रांची: ऑटो से गहने चुराने वाले गैंग का पर्दाफाश, पुलिस की मदद से पीड़ित ने किया खुलासा

ऑटो ड्राइवर इस गिरोह का ऐसा सदस्य है जिसे चोरी के सामान का 20 प्रतिशत दिया जाता है. वहीं, मुंगेर गैंग का मास्टरमाइंड पूर्व नियोजित तरीके से ऑटो के आसपास मंडराता रहता है. 

रांची: ऑटो से गहने चुराने वाले गैंग का पर्दाफाश, पुलिस की मदद से पीड़ित ने किया खुलासा
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हुआ खुलासा.

रांची: बीते पांच अक्टूबर को ऑटो से यात्री के सामान से ताला तोड़कर आभूषण और कपड़े ले जाने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है. यह खुलासा पुलिस की मदद से पीड़ित व्यक्ति ने ही किया. 10 दिनों तक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज के आधार पर चोर की तफ्तीश में जुटे रहे. वहीं, दूसरी तरफ शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस बिजनौर गैंग के रूप में आरोपियों की तलाश में लगी थी, लेकिन जब पता चला कि बिजनौर गैंग के साथ ही मुंगेर का एक गैंग भी राजधानी में सक्रिय है जो ऑटो में चलने वाले यात्रियों के सामान को निशाना बनाता है, तो पुलिस चौंक गई.

ऑटो ड्राइवर इस गिरोह का ऐसा सदस्य है जिसे चोरी के सामान का 20 प्रतिशत दिया जाता है. वहीं, मुंगेर गैंग का मास्टरमाइंड पूर्व नियोजित तरीके से ऑटो के आसपास मंडराता रहता है. जब कोई यात्री अपने सामान को लेकर ऑटो के पास पहुंचता है तो फिर गैंग के सारे व्यक्ति सक्रिय हो जाते हैं.

इस मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ जब कौशल किशोर नाम के व्यक्ति अपने परिवार के साथ स्टेशन जाने के लिए टैक्सी ढूंढ रहे थे. इसी दौरान ऑटो चालक ने उसे बुलाया और स्टेशन छोड़ने की बात कहा. जब कौशल किशोर अपने परिवार के साथ ऑटो के पास पहुंचे तो उन्होंने अपना बैग जिसमें आभूषण और कपड़े थे और जिस पर ताला जड़ा था उसे ऑटो के पीछे रख दिया. फिर क्या था बैग में ताला जड़ा देख गैंग के सदस्य समझ गए कि इसमें कुछ कीमती सामान हैं. वह भी यात्री के तौर पर ऑटो के पीछे बैठ गए और ताला तोड़कर हाथ साफ कर लिया.

एक तरफ जहां पीड़ित की मदद से पुलिस ने गिरोह के सरगना को धर दबोचा है, लेकिन लोगों को जागरूक रखने की जरूरत है. अभी भी गैंग के अन्य सदस्य शहर में खुले घूम रहे हैं.