बिहार: शराबबंदी कानून को लेकर घेरे में आई पुलिस, बेगुनाह को फंसाने की थी साजिश

शराबबंदी कानून को सख्ती से पालन करने का जिम्मा उठाने वाली पुलिस अब खुद ही संदेह के घेरे में है. इस कानून की आड़ में पुलिस पर ही साजिश रचने का आरोप लग रहा है.

बिहार: शराबबंदी कानून को लेकर घेरे में आई पुलिस, बेगुनाह को फंसाने की थी साजिश
कानून की आड़ में पुलिस पर ही साजिश रचने का आरोप लग रहा है.

पटना सिटी: शराबबंदी कानून को सख्ती से पालन करने का जिम्मा उठाने वाली पुलिस अब खुद ही संदेह के घेरे में है. इस कानून की आड़ में पुलिस पर ही साजिश रचने का आरोप लग रहा है. पुलिस की साजिश पटना के एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई .

दरअसल पटना सिटी के आलमगंज थाना क्षेत्र के बजरंगपुरी स्थित कटोरा तालाव इलाके में रहने वाले विजय कुमार पांडेय का आरोप है कि पुलिस भूमाफियाओं के साथ साठगांठ कर उन्हें शराबबंदी कानून की आड़ में साजिश कर फंसाना चाहती है. विजय कुमार पांडेय ने ये आरोप पुख्ता सबूतों के साथ लगाए है. आरोपों की पुष्टि के लिए उनके पास सीसीटीवी फुटेज है.

सीसीटीवी में कैद हुई तस्वीरें 22 नवंबर की बताई जा रही हैं जिसमें गश्त पर निकली पुलिस की टीम शाम 6 बजकर 25 मिनट पर जिप्सी से विजय कुमार पांडेय के घर के पास पहुंचकर मुआयना करती है . इस दौरान पुलिस के साथ ब्लू कलर की शर्ट और ब्लैक पेंट में एक शख्स भी होता है.

हालांकि मुआयना करने के बाद पुलिस लौट जाती है, लेकिन इसके बाद रात 10 बजकर 16 मिनट पर दो बाइक पर सवार चार लोग उसी जगह फिर आते हैं, जिसमें एक शख्स ठीक वैसी ही ब्लू शर्ट और ब्लैक पेंट पहने हुए है, जैसी शाम को जिप्सी के साथ आए युवक ने पहनी थी. ये लोग बाइक पर बोरे में शराब लेकर आए थे और उसे रखकर वापस चले जाते हैं. 

बाइक सवारों के लौटने के बाद रात दस बजकर 45 मिनट पर जिप्सी से आलमगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंचती है और उसी शराब भरे बोरे को बरामद करती है जो बाइक सवार वहां रखकर गए थे. लेकिन पुलिस वालों को ये नहीं पता थी कि उनकी हर हरकत तीसरी आंख यानि सीसीटीवी में कैद हो रही है .

मुख्यमंत्री समय-समय पर पुलिसकर्मियों से शराबबंदी कानून के तहत दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने का आहवान करते हुए किसी भी बेकसूर को नहीं फंसाने की सख्त हिदायत देते रहे हैं. 

साथ ही शराब की तस्करी में शामिल पुलिस कर्मियों पर सख्त कार्रवाई भी की गई है. लेकिन पटना पुलिस की ये करतूत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है. गनीमत है कि पुलिस की हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई नहीं, तो पुलिस शऱाब रखने के जुर्म में अब तक किसी बेकसूर को गिरफ्तार भी कर चुकी होती.
Ravindra Singh, News Desk