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बिहार: CM नीतीश के बयान पर सियासत तेज, विपक्ष हमलावर, BJP के भी अलग सुर

बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सहयोग से सरकार चलाने वाली जेडीयू पड़ोसी राज्य झारखंड में सेंध मारने की तैयारी में है. 

बिहार: CM नीतीश के बयान पर सियासत तेज, विपक्ष हमलावर, BJP के भी अलग सुर
रांची में दिए गए नीतीश कुमार के बयान पर सियासत तेज.

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के द्वारा झारखंड में दिए गए बयान से बिहार की भी सियासत गरमा गई है. उन्होंने बिहार की तरह झारखंड में शराबबंदी लागू करने और सभी विधानसभा सीटों पर जनता दल युनाइटेड (जेडीयू) के चुनाव लड़ने की बात भी कही थी. राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने झारखंड को बदनाम नहीं करने की नसीहत सीएम नीतीश को दे दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तरूढ़ पार्टी के नेता दिल्ली जाकर शराब पीते हैं. वहीं, आरजेडी ने शराब की होम डिलिवरी होने का आरोप लगाया है.

बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सहयोग से सरकार चलाने वाली जेडीयू पड़ोसी राज्य झारखंड में सेंध मारने की तैयारी में है. यही वजह है कि रघुवर सरकार का काम जेडीयू को नहीं भा रहा है.

7 सितंबर को झारखंड की राजधानी रांची में जेडीयू के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्ण शराबबंदी का समर्थन करते हुए कहा कि अगर उनकी पार्टी झारखंड में सत्ता में आती है तो वह बिहार की तरह यहां भी पूर्ण शराबबंदी लागू करेगी. नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि यह कितनी खराब बात है कि बिहार में जो लोग शराब पीना चाहते हैं वह झारखंड चले आते हैं.

इस बयान के बाद बीजेपी के सांसद और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सीपी ठाकुर ने कहा कि झारखंड में शराब आदिवासी भाई लोग शुरू से ही पीते आ रहे हैं. यह कोई नई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि पूर्ण शराबबंदी लागू करने की बात नीतीश कुमार चुनाव को लेकर अपना एजेंडा बता रहे हैं. झारखंड में नीतीश कुमार की नई शुरुआत है. वहां पहले से ही बीजेपी की सरकार है. अलग चुनाव लड़ने का बिहार में एनडीए गठबंधन पर असर पड़ेगा.

वहीं, उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि पहले नीतीश कुमार यह बताएं कि बिहार के लोग बिहार में शराब पी रहे हैं कि नहीं? दूसरे राज्य में जाकर उस राज्य को बदनाम कर रहे हैं. नीतीश कुमार के नेता दिल्ली जाकर शराब पीते हैं. पहले इसकी जानकारी उनको ले लेनी चाहिए. अपने नेताओं को समझना चाहिए. फिर जनता को समझाएं. बिहार में खुलेआम शराब बिक रही है. यहां किस तरह से लोग शराब पी रहे हैं वह भी उन्हें पता है. साथ ही कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार किसी भी राज्य में चुनाव लड़ने जाएं उनके उम्मीदवारों को 500 से ज्यादा वोट नहीं मिलेंगे.

आरजेडी ने कहा कि नीतीश कुमार झारखंड की बात कर रहे हैं. बिहार में जहां उन्होंने शराबबंदी लागू किया, वह पूरी तरह धरातल पर नहीं हो पाया. पार्टी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने साफ तौर पर सरकार को आइना दिखाते हुए कहा कि बिहार में डोर टू डोर शराब की सप्लाई हो रही है. पहले नीतीश कुमार को बिहार में पूर्ण रूप से शराबबंदी लागू करनी चाहिए.

वहीं, विपक्ष के साथ-साथ सहयोगी बीजेपी की नसीहत पर जेडीयू ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी के प्रवक्ता निखिल मंडल ने कहा है कि बिहार में शराबबंदी हुई. सभी ने इसे स्वीकारा. इस समाज में बहुत तरह के लोग हैं जो इस नियम को तोड़ते भी हैं और सलाखों के पीछे जाते भी हैं. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि हमारे दल के नेता और मंत्री दिल्ली में शराब पीते हैं, तो कभी वह साथ में बैठे हैं? अगर बैठे हैं तो उस नेता के नाम बताएं. एक जिम्मेदार पद पर रहने वाला व्यक्ति आरोप नहीं लगाता है. तथ्यों को रखता है. अगर उनको जानकारी है तो सार्वजनिक करनी चाहिए. जरूर कार्रवाई की जाएगी.

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