झारखंड: चुनाव आते ही बढ़ गई है मतदाताओं की 'अमीरी', दरवाजे पर आकर नेता नतमस्तक

डाल्टनगंज विधानसभा के रामगढ़ जिले के गांव के गरीब और बेबस नज़र आने वाले लोग आज सबसे ज्यादा शक्तिशाली और अमीर बन चुके हैं.

झारखंड: चुनाव आते ही बढ़ गई है मतदाताओं की 'अमीरी', दरवाजे पर आकर नेता नतमस्तक
गांव की पगडंडियों पर धूल फांक रहे हैं उम्मीदवार.

डाल्टेनगंज: जैसे-जैसे झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Elections 2019) की तारीख नजदीक आ रही है वैसे-वैसे नेताओं का जनसंपर्क अभियान जोर पकड़ रहा है. क्या शहर, क्या गांव, हर तरफ नेता पहुंचकर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं. लेकिन यह जनता है जो कि सब जानती है.

डाल्टनगंज विधानसभा के रामगढ़ जिले के गांव के गरीब और बेबस नज़र आने वाले लोग आज सबसे ज्यादा शक्तिशाली और अमीर बन चुके हैं. रुकिए, हम इनकी आर्थिक स्थिति की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि इनकी अहमियत की बात कर रहे हैं.

ये अमीर और शक्तिशाली इसलिए हो गए हैं कि किसी भी बड़े नेता को अपने सामने झुकाने का हुनर रखते हैं. आज हर नेता इनके द्वार पर जाने के लिए मजबूर हैं, क्योंकि  गांव और खेत-खलिहान के बीच इन टूटे और कच्चे पगडंडियों के सहारे नेता विधानसभा जाने का रास्ता ढूंढ रहे हैं. हमेशा अपने बॉडीगार्ड से घिरे रहने वाले यह नेता आज आम गरीब इंसान के सिर पर हाथ रख उन्हें उनके अपने होने का एहसास दिला रहे हैं. वहीं, जनता से मिले आश्वासन के बाद यह सभी नेता जीत को लेकर भी आश्वस्त दिख रहे हैं.

वहीं, अगर मौसम चुनावी है तो शहर के चौक-चौराहे से लेकर गांव की गलियों में भी चुनावी चौपाल लगने लाज़मी हैं. इन चौपाल के ज़रिए लोग अपने प्रतिनिधियों के कार्यकाल का लेखा-जोखा की चर्चा कर रहे हैं. इन्हें पता है कि चुनाव के नजदीक आते ही यह नेता इन से बेहद करीब हो जाते हैं, लेकिन अब मतदाता जागरूक हो गए हैं. वह अपने मताधिकार की कीमत नहीं लगाएंगे, बल्कि जिस चेहरे में इलाके के विकास और जन समस्याओं के निपटारे की उम्मीद दिखती है वह उन्हें अपना नेता चुनने की तैयारी कर चुके हैं. 

बहरहाल लोकतंत्र के इस महाकुंभ में क्या नेता और क्या जनता, सभी डुबकी लगाने को तैयार बैठे हैं. लेकिन यह चुनाव उन नेताओं के लिए आसान नहीं, जो सिर्फ चुनाव के दौरान क्षेत्र में नजर आते हैं. इतना तो साफ है कि अब मतदाताओं को सिर्फ अपनी बातें और अपने रौब से ठगा नहीं जा सकता, क्योंकि ये पब्लिक है, जो सब जानती है.

(सहयोगी अमित के साथ)