झारखंड: सरकारी बंगले पर नहीं थम रही बयानबाजी, कांग्रेस ने BJP को दी नैतिकता की नसीहत

जिला प्रशासन ने आवास खाली करवाने के लिए अल्टीमेटम देते हुए मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती तक के निर्देश दे दिए हैं.

झारखंड: सरकारी बंगले पर नहीं थम रही बयानबाजी, कांग्रेस ने BJP को दी नैतिकता की नसीहत
झारखंड: सरकारी बंगले पर नहीं थम रही बयानबाजी, कांग्रेस ने BJP को दी नैतिकता की नसीहत.

रांची: झारखंड में माननीयों के आवास खाली करने को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. माननीयों पर अवैध कब्जा का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन ने नोटिस जारी कर, आवास खाली कराने के लिए मजिस्ट्रेट तक की नियुक्ति कर दी है. तो वहीं दूसरी तरफ, बीजेपी विधायकों बल पूर्वक आवास खाली कराने की भवन निर्माण विभाग की तैयारी पर  आपत्ति जताई है.

जबकि जिला प्रशासन ने आवास खाली करवाने के लिए अल्टीमेटम देते हुए मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती तक के निर्देश दे दिए हैं.

दरअसल, भवन निर्माण विभाग के बार-बार नोटिस के बाद भी, जब पूर्ववर्ती सरकार में आवंटित आवास को वर्तमान विधायकों ने खाली नहीं किया तो, विभाग ने इन विधायकों पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए, जिला प्रशासन से आवास खाली करवाने के लिए सुरक्षा की मांग की.

जिला प्रशासन ने यानी अनुमंडल कार्यालय रांची सदर ने इसको पूरा लेकर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति भी कर दी. इसके साथ ही, विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2/8 सशस्त्र बल, 20 पुरुष लाठी बल, 20 महिला आरक्षी लाठी बल एवं पुलिस पदाधिकारी के तैनाती की मांग एसएसपी रांची से की है.

इधर, झारखंड में आवास आवंटन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. जिला प्रशासन रांची की तरफ से जारी किए गए नोटिस को लेकर बीजेपी विधायकों ने आपत्ति जाहिर करते हुए ये कहा है कि 'झारखंड में खाता ना बही, ना लिखा ना पढ़ी, मुख्यमंत्री जी जो कहे वही सही' की कहावत चरितार्थ हो रही है.

बीजेपी के हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि, सरकार के लक्षण में कोई भी हरारकी सिस्टम नहीं दिख रहा है. उन्होंने कहा कि, देश भर में कोरोना के कारण लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है और उस दौर में भी झारखंड में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को उनके आवास से निकला जा रहा है, जो दुखद है.

बोकारो विधायक विरंचि नारायण का भी दर्द नोटिस भेजने के मामले में छलक गया. उन्होंने कहा कि, जिस भाषा का इस्तेमाल किया गया है कि, बलपूर्वक खाली कराया जाएगा, यह आहत करता है क्योंकि वह कोई अपराधी नहीं हैं. बल्कि चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं.

बीजेपी विधायक ने कहा कि, जिस तरीके से उन्हें नोटिस जारी किया गया है, वह उसके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करेंगे. उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर राजनीति से प्रेरित होते हुए कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए कहा कि,बीजेपी के विधायकों को बदनाम करने की साजिश है और उन्होंने कहा कि, अगर मुख्यमंत्री सिर्फ इसी में अपना ध्यान लगाएंगे कि कौन विधायक किस आवास में रहेगा तो भला, झारखंड का क्या खाक भला होगा.
         
वहीं, पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक अमर बाउरी ने कहा कि, सरकार के पदाधिकारी को स्पेशल पॉवर आ गया है, वह पॉवर के अहंकार में डूब गए हैं. अगर सरकार को लगता है मेरे द्वारा जबरदस्ती बंगला कब्जा करके रखा गया है तो मेरे समान को निकाल कर फेंक दें. क्या मुझे जो आवास मिला है, वह अब तक हैंड ओवर हुआ है मुझे .

इधर,आवास खाली करने को लेकर मचे घमासान पर हेमन्त सरकार के मंत्री बन्ना गुप्ता ने नोटिस के बावजूद आवास नहीं खाली करने वालों को नैतिकता की नसीहत दी. मंत्री ने कहा कि, लोकतंत्र में लोक चलता है, मूल्यों से और तंत्र चलता है मजबूती के साथ. अब लोकतंत्र की बात ही गई तोस सरकार लोक भी चलाएगी और तंत्र भी चलाएगी. आवास विभाग अब तंत्र देखेगा.