बिहार चुनाव से पहले उद्घाटन शिलान्यास पर सियासत, गोपालगंज एप्रोच पथ से की गई तुलना

उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में होनेवाले ऐसे उद्घाटन की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं. गोपालगंज में पुल टूटना इसका उदाहरण है. नीतीश कुमार को इन सारी योजनाओं की गुणवत्ता की जिम्मेवारी लेनी होगी.

बिहार चुनाव से पहले उद्घाटन शिलान्यास पर सियासत, गोपालगंज एप्रोच पथ से की गई तुलना
बिहार चुनाव से पहले उद्घाटन शिलान्यास पर सियासत, गोपालगंज एप्रोच पथ से की गई तुलना.

पटना: बिहार चुनाव में बयानबाजियों का दौर जारी है. इस बीच चुनाव से पहले होनेवाले उद्घाटन शिलान्यास पर कांग्रेस ने हमला किया है. कांग्रेस के पूर्व मंत्री रविंद्र मिश्रा ने कहा कि चुनाव से पहले इस तरह के शिलान्यास उद्घाटन जनता को भ्रमित करने वाला है. 

उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में होनेवाले ऐसे उद्घाटन की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं. गोपालगंज में पुल टूटना इसका उदाहरण है. नीतीश कुमार को इन सारी योजनाओं की गुणवत्ता की जिम्मेवारी लेनी होगी.

इस पर आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि 15 सालों में काम हुआ नहीं, अब चुनाव से पहले तड़बतोड़ उद्घाटन शिलान्यास हो रहे हैं. हमे चिंता है कि कही इन उद्घाटनों का हाल गोपालगंज पुल अप्रोच पथ जैसा न हो जाए.

वही इस मामले पर सत्तापक्ष की तरफ से बीजेपी प्रवक्ता अखिलेश सिंह ने कहा कि लालू जी के समय काम हुआ नहीं तो उद्घाटन और शिलान्यास कहां से होता. हमारी सरकार काम कर रही है, इसलिए उद्घाटन शिलान्यास भी हो रहा है. विपक्ष काम की गुणवत्ता को लेकर भी निश्चिंत रहें.

वही इस मामले पर जेडीयू प्रवक्ता अंजुम आरा ने कहा कि हमारी सरकार काम कर रही है. शिलान्यास उद्घाटन हो रहे हैं. हमारे काम और विकास को देख कर विपक्ष की बेचैनी बढ़ जाती है. क्योंकि इन्हें राजनीति करने का मौका मिलता नहीं.