तेजस्वी यादव के शीतकालीन सत्र में सदन आने पर राजनीति तेज, BJP-JDU ने साधा निशाना

बीजेपी के विधायक मिथलेश तिवारी ने कहा है कि बिहार की जनता जान चुकी है की इस बार विपक्ष का नेता ही गायब है और इसका कारण है विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है जिसको लेकर नेता प्रतिपक्ष सदन में जाएं. 

तेजस्वी यादव के शीतकालीन सत्र में सदन आने पर राजनीति तेज, BJP-JDU ने साधा निशाना
सत्तापक्ष ने तेजस्वी के फिर से गायब होने की आशंका जाहिर की है.

पटना: बजट सत्र में लगातार गायब रहे बिहार के नेता विपक्ष तेजस्वी यादव 22 नवंबर से शुरू होने वाले, शीतकालीन सत्र में क्या शामिल होंगे या फिर इस सत्र से भी गायब रहेंगे इस पर राजनीति तेज हो गई है. सत्तापक्ष ने तेजस्वी के फिर से गायब होने की आशंका जाहिर की है तो विपक्ष ने अपने नेता के बचाव में सत्तापक्ष पर निशाना साधा है.

बीजेपी के विधायक मिथलेश तिवारी ने कहा है कि बिहार की जनता जान चुकी है की इस बार विपक्ष का नेता ही गायब है और इसका कारण है विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है जिसको लेकर नेता प्रतिपक्ष सदन में जाएं. बिहार विकसित राज्य बन गया है और बिहार के लोग मोदी जी के साथ चल पड़े हैं.  मोदी-नीतीश जी की जोड़ी बन गई है. नेता प्रतिपक्ष खुद फ्रशटेशन का शिकार हो गए हैं, परिवार संभल नहीं रह है बिहार कहां से संभाल पाएंगे. 

मिथलेश तिवारी ने कहा है कि तेजस्वी यादव बजट सत्र छोड़कर सदन से गायब रह.  उनको यह भी लग रहा है कि अच्छी पढ़ाई किए रहते तो अच्छी नौकरी मिलती पिता लालू यादव की विरासत संभालने आए वो भी नहीं संभल रहा हैं. सदन में जाते हैं उनको लगता है बोले क्या, उनको बोलने के लिए अब कुछ बचा ही नहीं है. बजट सत्र में नेता प्रतिपक्ष गायब रहे और अब शीतकालीन सत्र में तेजस्वी यादव गायब रहेंगे.

तेजस्वी यादव के शीतकालीन सत्र में गायब रहने के सत्ता पक्ष के दावे पर आरजेडी के विधायक राहुल तिवारी ने कहा कि तेजस्वी शीतकालीन सत्र में जरूर मौजूद रहेंगे और सदन में मौजूद नहीं रहते हैं तो किसी भी साथी को जिम्मेदारी मिल जाती है और उनके मार्गदर्शन पर सरकार से हम लोग सवाल जवाब करते हैं. सत्ता पक्ष जो आरोप लगा रहा है पहले यह बताएं की जब तेजस्वी यादव लायक नहीं थे तो नीतीश कुमार उनके साथ सरकार बनाए हुए थे और उस सरकार में तेजस्वी यादव उप मुख्यमंत्री थे. तो बिना लायक नीतीश कुमार उपमुख्यमंत्री क्यों बनाए. तेजस्वी यादव में काबिलियत है व्यक्तिगत कारणवश बजट सत्र में तेजस्वी यादव नहीं आये लेकिन शीतकालीन सत्र में जरूर आएंगे

वहीं, आरजेडी के इस बयान पर जेडीयू ने तंज कसा है. पार्टी के प्रवक्ता निखिल मंडल ने कहा कि 46 एसी में रहने वाले, चार्टर्ड प्लेन से पार्टी करने वाले आरजेडी के राजकुमार गरीबों के नेता गरीबों का बेटा तेजस्वी यादव कहे जाते हैं. सदन में तो आश्चर्य और सत्य वाली भूमिका में रहेंगे तेजस्वी यादव गैर राजनीतिक नेता हैं, नादान हैं और वो अपने आप को संभालें फिर सदन में आएं और बुद्धि से राजनीति करें. जिस विधानसभा सीट से जीत कर आए हैं वहां के भी मुद्दे को उठाएं. 2015 में तेजस्वी यादव को नीतीश जी का चेहरा मिल गया था अपनी नैया पार कराने के लिए लेकिन 2020 में भले ही 20-20 खेलेंगे लेकिन डग पर आउट हो जाएंगे.

कांग्रेस के विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा है कि आएंगे कि नहीं आएंगे तेजस्वी यादव यह वही बताएंगे. यह मुद्दा यह नहीं है बल्कि मुद्दा यह है की जो पिछले दिनों जलजमाव से लोगों को परेशानी हुई है, वायु प्रदूषण से लोगों को परेशानी हुई है और लॉ इन आर्डर की स्थिति ठीक नहीं है. विपक्ष इन मुद्दों को उठायेगा सत्तापक्ष को इसके लिए तैयार रहना चाहिए.