रांची: हिंदपीढ़ी को कंटेनमेंट जोन से हटाने पर शुरू सियासत, JMM ने BJP को दिया करारा जवाब

 जो भी जांच रिपोर्ट आती है, उसे पब्लिक के सामने रखा जाता है. कहीं भी कोई घोलमेल नहीं हो रहा है अब देखने वालों को सिर्फ अपना नजरिया बदलने की जरूरत है.

रांची: हिंदपीढ़ी को कंटेनमेंट जोन से हटाने पर शुरू सियासत, JMM ने BJP को दिया करारा जवाब
रांची: हिंदपीढ़ी को कंटेनमेंट जोन से हटाने पर शुरू सियासत, JMM ने BJP को दिया करारा जवाब. (फाइल फोटो)

रांची: झारखंड की राजधानी रांची का हिंदपीढ़ी इस कोरोना संक्रमण के दौरान लगातार सुर्खियों में रहा सूबे में खूब सियासत भी हुई, हिंदपीढ़ी को लेकर अब फिर से विपक्ष ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. कंटेनमेंट जोन को हटाने से पहले जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग के साथ-साथ अब तक के जहां छात्रों को फर्जी बताते हुए सरकार पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगा रही है. 

दरअसल, हिंदपीढ़ी में 100 की संख्या को पार कर चुके कोरोना संक्रमित अब ठीक होकर घर वापस लौट चुके हैं. इसके बाद अब रांची जिले को रेड जोन से ऑरेंज जोन में कर दिया गया है. इसी को लेकर अब हिंदपीढ़ी के लोग लगातार प्रशासन पर कंटेनमेंट जोन को हटाने को लेकर दबाव डाल रहे हैं.

प्रशासन ने कई इलाकों से कंटेनमेंट जून को खत्म करने की तैयारी भी शुरू कर दी है और कुछ इलाकों से हटा भी लिया है. ऐसे में विपक्ष प्रशासन के इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा है. 

रांची के मेयर और बीजेपी के विधायक सीपी सिंह ने कहा कि हिंदपीढ़ी के लोगों ने उन कोरोना वायरस को जो अपनी जान को हथेली पर रखकर उनकी जान बचाने के लिए दिन-रात सेवा करने में जुटे रहे, उन पर पत्थर बरसाने का काम किया है.

प्रशासन मूकदर्शक बनकर उनके आगे नतमस्तक होकर विनती करते हुए नजर आ रही है. प्रशासन की इस तरह के रवैए से कई सवाल खड़े होते हैं, आखिर इतनी मजबूर और लाचार प्रशासन क्यों है.

वहीं विपक्ष के इन आरोपों को खारिज करते हुए जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडेय ने विपक्षियों को नसीहत देते हुए कहा कि कोरोना महामारी के इस दौर में कम से कम राजनीति करने से बचना चाहिए, हमारी सरकार ने और प्रशासन ने जिस तरह से रांची के हिंदपीढ़ी में फैल चुके संक्रमण को काबू में किया आज जो स्थिति वहां सामान्य बनाया यह किसी से छुपा हुआ नहीं है.

इसकी तारीफ करनी चाहिए, सराहना करनी चाहिए ना कि आलोचना करनी चाहिए. हमारी सरकार लगातार दो हजार से अधिक जांच करवा रही है और अब उसे 4000 तक ले जाने की कोशिश की जा रही है. जो भी जांच रिपोर्ट आती है, उसे पब्लिक के सामने रखा जाता है. कहीं भी कोई घोलमेल नहीं हो रहा है अब देखने वालों को सिर्फ अपना नजरिया बदलने की जरूरत है.