चाइना को लेकर झारखंड में सियासत शुरू, मेयर के बयान पर मचा हंगामा

देशभर में चाइनीज सामान के बहिष्कार का मुद्दा छाया हुआ है. चाइनीज सामान के बहिष्कार पर सूबे की सियासत तेज हो गई है. रांची नगर निगम की मेयर ने साफ किया है कि रांची नगर निगम में न तो चाइनीज समान की एंट्री होगी न ही चाइनीज टेंडर को कभी जगह मिलेगा.

चाइना को लेकर झारखंड में सियासत शुरू, मेयर के बयान पर मचा हंगामा
मेययर के बयान पर हेमंत सोरेन ने कहा है कि इस पर केंद्र सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए. (फाइल फोटो)

रांची: झारखंड की सियासत में भी चाइना ने अपनी दखल दे दी है. देशभर में चाइनीज सामान के बहिष्कार का मुद्दा छाया हुआ है. चाइनीज सामान के बहिष्कार पर सूबे की सियासत तेज हो गई है. रांची नगर निगम की मेयर ने साफ किया है कि रांची नगर निगम में न तो चाइनीज समान की एंट्री होगी न ही चाइनीज टेंडर को कभी जगह मिलेगा.

इस पर झारखंड सरकार के मुखिया हेमंत सोरेन ने कहा है कि इस पर केंद्र सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए तो कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और हेमन्त कैबिनेट में मंत्री रामेश्वर उरांव ने पूछा बहिष्कार का सरकारी आदेश है या नहीं?

जबकि चाइनीज सामान के मामले में सुने के मुखिया केंद्र सरकार से देश हित मे स्पष्ट नीति चाहते है.मुख्यमंन्त्री ने साफ किया है केंद्र सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए न कि पीएम अपने कार्यकर्ता के माध्यम से कथित वातावरण में सन्देश देने वालों से सन्देश दें.

वहीं, मेयर की सीएम को दिए गए सलाह पर जेएमएम आग बबूला हो गया. जेएमएम महासचिव विनोद पांडेय ने कहा, रांची नगर निगम की मेयर बीजेपी से जुड़ी हैं तो वो बीजेपी की ही भाषा बोलेगीं. साथ ही बीजेपी को हो लोगों की भावना से खिलवाड़ नहीं करने की नसीहत दे डाला.

जबकि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने चाइनीज सामान के बहिष्कार के अपील पर पूछा क्या सरकार ने कहा है बहिष्कार करो. सरकारी आदेश है क्या ?  ये तो बीजेपी ने कहा है चाइनीज सामान का बहिष्कार करें ,अब बीजेपी का आदेश हमलोग माने क्या ? चाइना से जो आयात होता है उसको सरकार बन्द कर दे फिर कौन खरीदेगा?