बिहार: गिरिराज सिंह के ट्वीट पर शुरू हुई सियासत, आरजेडी ने साधा निशाना

भाई बीरेंद्र ने कहा है कि अभी यह टेलर था लेकिन असली दृश्य बाकी है. असली लड़ाई 2020 में होगी. मैं खुद गिरिराज की बयान को तबज्जो नहीं देता हूं. वह इसी तरह आग लगाने वाले बयान देते हैं. यह देश को तोड़ने, बांटने और नफरत पैदा करने वाला है.

बिहार: गिरिराज सिंह के ट्वीट पर शुरू हुई सियासत, आरजेडी ने साधा निशाना
गिरिराज सिंह के किशनगंज में एआईएमआईएम की जीत पर किए ट्वीट पर अब सियासत शुरू हो गई है.

पटना: गिरिराज सिंह के किशनगंज में एआईएमआईएम की जीत पर किए ट्वीट पर अब सियासत शुरू हो गई है. इस ट्वीट पर आरजेडी प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने साधा निशाना कहा गिरिराज सिंह टीवी पर बने रहने ले लिए इस तरह के बयान देते रहते हैं. उन्होंने कहा है कि एनडीए की करारी हार हुई है इसलिए इस तरह के बयान दे रहे हैं. लेकिन जल्द ही बिहार से एनडीए का सफाया हो जाएगा. 

साथ ही भाई बीरेंद्र ने कहा है कि अभी यह टेलर था लेकिन असली दृश्य बाकी है. असली लड़ाई 2020 में होगी. मैं खुद गिरिराज की बयान को तबज्जो नहीं देता हूं. वह इसी तरह आग लगाने वाले बयान देते हैं. यह देश को तोड़ने, बांटने और नफरत पैदा करने वाला है.

वहीं, गिरिराज सिंह के ट्वीट पर जेडीयू के प्रवक्ता निखिल मंडल ने कहा है कि गिरिराज अपना बयान देते रहते हैं. यह उनकी उनकी सोच है और वो अपने हिसाब से बाते कहते रहते हैं. जब किसी उम्मीदवार ने जीत हासिल की है तो जनता ने उसे पसंद किया है. जनता के द्वारा चुना हुआ उम्मीदवार है और जब जनता ने जिताया है तो जनता के वोट को सम्मान करना चाहिए.

आरजेडी विधायक राहुल तिवारी ने भी गिरिराज सिंह पर पलटवार किया और कहा कि कट्टर हिंदू की बात बताते हैं. देश को जो खतरा है गिरिराज सिंह जैसे नेताओं से है. मुस्लिमों से देश को खतरा नहीं है. गिरिराज सिंह जैसे नेताओं के कारण देश की अस्मिता बर्बाद हो रही है. इस तरह के नेताओं को तरजीह नहीं देनी चाहिए.

वहीं, बीजेपी के प्रवक्ता अजित चौधरी ने गिरिराज सिंह के ट्विट को सही बताया है. उन्होंने कहा है कि ओवैसी की विचार धारा कटरपंथी विचार धारा है. उन्होंने 35A,  तीन तलाक का विरोध किया था. गिरिराज सिंह में बिहार के लोगो को बताया कि विचार करना चाहिए ओवैसी के पार्टी ने एक दस्तक दिया है. 

जहां कटरपंथी और घुसपैठिये लोग रह रहे हैं उनके द्वारा पूरा समर्थन दिया गया है. बीजेपी एनआरसी की मांग उठाती है उससे बचने के लिए ओवैसी की पार्टी के उम्मीदवार को जिताया गया है. ओवैसी की पार्टी को यह बिहार के लोगो के लिए खतरे की घंटी है और बिहार के लोगो को विचार करना चाहिए.