बिहार: बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर सियासी घमासान, RJD ने साधा निशाना

आरजेडी विधायक आलोक मेहता ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार का पत्र लग रहा था. सिर्फ सरकार के कामों का जिक्र था, कमियां नहीं बताई गई.

बिहार: बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर सियासी घमासान, RJD ने साधा निशाना
बजट सत्र के पहले दिन की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से हुई.

पटना: बिहार विधानपरिषद का आज बजट शुरू हो गया है. बजट सत्र के पहले दिन की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से हुई. लेकिन अब राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर सियासी घमासान मच गया है.

विरोधियों ने राज्यपाल के अभिभाषण पर सवाल उठाए हैं. आरजेडी विधायक आलोक मेहता ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार का पत्र लग रहा था. सिर्फ सरकार के कामों का जिक्र था, कमियां नहीं बताई गई.

उन्होंने कहा कि सरकार की कमियों को विपक्ष उठाएगा. उधर, कांग्रेस विधायक शकील अहमद ने माइक से खराब होने की वजह से अभिभाषण ठीक से नहीं सुन पाने की बात कही. मंत्री श्रवण कुमार ने विपक्ष के सवालों पर कहा कि विपक्ष का काम सवाल उठाना है. लेकिन राज्यपाल ने अभिभाषण में हकीकत बयां किया है.

आपको बता दें कि बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होने के पहले विपक्षी सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया. आरजेडी सहित विपक्षी दल के सदस्यों ने सदन के बाहर प्रदर्शन किया. सदस्यों के हाथों में तरह-तरह के बैनर और पोस्टर थे. आरजेडी विधायकों ने सदन के बाहर जोरदार हंगामा किया.

विधायक एनआरसी और सीएए कानून लागू नहीं करने का प्रस्ताव विधानसभा में लाने की मांग कर रहे थे. आरजेडी नेता भाई वीरेंद्र ने कहा, "नीतीश कुमार के आश्वासन पर कोई भरोसा नहीं है. नीतीश कुमार बोलते हैं, इसके बाद मुकर जाते हैं."

उन्होंने कहा, "हमारी मांगों सें संबंधित प्रस्ताव विधानसभा में पारित होना चाहिए." गौरतलब है कि नीतीश कुमार पहले ही कह चुके हैं कि एनआरसी लागू होने का प्रश्न ही नहीं उठता. उन्होंने कहा कि एनपीआर भी पुराने नियमों से लागू होगा.