JNU हिंसा को BJP-JDU ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण, RJD बोली- देश में भय का माहौल बनाने की कोशिश

आरजेडी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि रविवार को जिस तरह छात्रों से मारपीट हुई है, उससे देश में भय का माहौल बनाने की कोशिश हो रही है.

JNU हिंसा को BJP-JDU ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण, RJD बोली- देश में भय का माहौल बनाने की कोशिश
शिवानंद तिवारी ने कहा कि नकाबपोश लोग JNU में कैसे घुस गए.

पटना: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में छात्रों से मारपीट ने अब सियासत का रंग लेना शुरू कर दिया है. आरजेडी (RJD) ने छात्रों से मारपीट पर कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि छात्रों से मारपीट लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है.

आरजेडी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि रविवार को जिस तरह छात्रों से मारपीट हुई है, उससे देश में भय का माहौल बनाने की कोशिश हो रही है. उन्होंने कहा कि छात्रों से मारपीट निंदनीय है. 

शिवानंद तिवारी ने कहा कि नकाबपोश लोग जेएनयू कैंपस में कैसे दाखिल हो गए. क्या उन्हें किसी ने बुलाया तो नहीं और सबसे बड़ी बात पुलिस इस पर क्या कर रही थी. उन्होंने कहा कि देश में भय का माहौल पैदा करने का प्रयास हो रहा है. आश्चर्य है कि अब छात्र भी निशाने पर हैं. पुलिस के सामने मारपीट होती रही है वो देखती रह गई.

वहीं, बीजेपी और जेडीयू ने भी छात्रों पर हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. बीजेपी प्रवक्ता नवलकिशोर यादव ने कहा कि लोकतंत्र सहमति और असहमति दोनों से चलता है. छात्र पहले भी आंदोलन करते रहे हैं. लेकिन मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है.

इधर, जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी घटना की निंदा की है. राजीव रंजन ने कहा कि हिंसा किसी भी चीज का समाधान नहीं है. हिंसा के जरिए कुछ भी हासिल नहीं हो सकता है. लेकिन छात्रों के साथ मारपीट की घटना निंदनीय है. 

उन्होंने कहा कि अगर आज जेएनयू के छात्र सड़क पर उतर रहे हैं तो कल दूसरी यूनिवर्सिटी के छात्र भी विरोध पर उतर जाएंगे. राजीव रंजन ने कहा है कि ये जेएनयू के लिए काला अध्याय है. सरकार तय समय में इसकी जांच कराए और निष्कर्ष निकाला जाए. 

जेडीयू नेता ने कहा कि समय रहते छात्रों के अंसतोष को समझना चाहिए. कुछ लोग छात्र संगठनों के जरिए अपना मकसद पूरा कर रहे हैं. हम इस मारपीट को दुर्भाग्यपूर्ण  मानते हैं. अब तो जांच कमेटी भी बनाई गई है लिहाजा जिसने भी गलती की है वो सामने आ जाएगा. लेकिन छात्रों से मारपीट और हिंसा नहीं होनी