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बिहार: एक दिन की बारिश से पानी-पानी हुआ पटना, सियासत शुरू

कांग्रेस इसके लिए राज्य सरकार को दोष दे रही है, तो आरजेडी विकास के मॉडल पर ही सवाल उठा रही है. जबकि जेडीयू को सबकुछ ठीक लग रहा है.

बिहार: एक दिन की बारिश से पानी-पानी हुआ पटना, सियासत शुरू
विपक्ष ने जल जमाव के बाद सरकार पर जमकर निशाना साधा है. (फाइल फोटो)

पटना: कुछ घंटे की बारिश ने राजधानी पटना समेत बिहार के तमाम जिलों में जल जमाव की स्थिति पैदा कर दी. इससे लोगों का सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है. इसको लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है. कांग्रेस इसके लिए राज्य सरकार को दोष दे रही है, तो आरजेडी विकास के मॉडल पर ही सवाल उठा रही है. जबकि जेडीयू को सबकुछ ठीक लग रहा है.

एक दिन पहले हुई मुसलाधार बारिश ने पटना समेत कई जिलों के नगर निगम और नगर परिषदों की ओर से किए गए दावों की पोल खोल दी. सड़कों और मुहल्लों में जल जमाव की स्थिति हो गई है. कई निचले इलाकों के घरों में पानी घुस गया है और लोग त्राहिमाम करने लगे. वहीं, सत्ताधारी दलों के नेता इसे लेकर सफाई देने लगे.

 

बीजेपी प्रवक्ता नवल किशोर यादव ने कहा कि जल जमाव की सबसे बड़ी वजह ड्रेनेज की समस्या है. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि जो ड्रेनेज बनाया गया है, उसे आपस में जोड़ा नहीं गया है जिसकी वजह से शहर की मुख्य जगहों पर भी जलजमाव हुआ है.

जेडीयू प्रवक्ता निखिल मंडल ने कहा है कि बारिश की वजह से लोगों को राहत मिली है. मैं भी पटना की सड़कों पर चला हूं लेकिन कहीं भी जल जमाव नहीं दिखा. जहां पानी लगा है, वहां से दो-तीन घंटे में निकल जाएगा.

वहीं, आरजेडी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा है कि  जिस तरह से राज्य और देश का विकास हो रहा है. वो गलत है. ऐसे में हालत इससे भी बदतर होती चली जाएगी.

उन्होंने कहा है कि देखिये, अपने देश में यूरोपीयन मॉडल पर विकास हो रहा है, जिसकी वजह से ये समस्याएं हो रही हैं. दिल्ली में बारिश के समय रास्ते बंद हो जाते हैं. अगर हम विकास के मॉडल को नहीं बदलेंगे, तो परेशानी दिनों दिन बढ़ती जायेगी. इसका कोई समाधान नहीं होनेवाला है, क्योंकि अपने यहां जनसंख्या बहुत ज्यादा है.

राजनीतिक दल भले ही कोई दलील दें, लेकिन बारिश ने जिस तरह से लोगों की परेशानी बढ़ाई, उससे साफ है कि जल निकासी को लेकर जो भी प्रबंध किये गये हैं, वो पूरी तरह से फेल हैं.