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Bakhtiarpur Assembly Seat Profile: बिहार की बख्तियारपुर विधानसभा सीट पटना जिले में आती है और पटना साहिब लोकसभा सीट का हिस्सा है. मुख्यालय से इसकी दूरी मात्र 15 किलोमीटर है. दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल लाइन पर बख्तियारपुर एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है. इतिहासकारों के मुताबिक, 1203 ईस्वी में कुतुबुद्दीन ऐबक के सेनापति मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी ने बंगाल विजय के बाद इस नगर की स्थापना की थी. उसी ने नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालयों को नष्ट किया था. बिहार की सभ्यता को नष्ट करने वाले आक्रमणकारी के नाम पर इसका नाम होने के कारण, कई बार नाम बदलने की मांग उठी, लेकिन सीएम नीतीश ने हर बार इसे अस्वीकार कर दिया. बख्तियारपुर सीएम नीतीश कुमार का जन्मस्थान है, लेकिन विडंबना यह है कि उनकी पार्टियां (समता पार्टी और अब जेडीयू) यहां से कभी चुनाव नहीं जीत पाईं.
चुनावी इतिहास
बख्तियारपुर विधानसभा सीट की बात करें तो इसकी स्थापना 1951 में हुई थी और अभी तक 18 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं. यादव बाहुल्य इस सीट पर 1952 से 1990 के बीच हुए 11 में से 10 चुनावों में कांग्रेस को सफलता मिली, लेकिन उसके बाद से उसका प्रभाव समाप्त हो गया. 2000 के बाद से यहां बीजेपी और राजद के बीच मुकाबला होता रहा है. दोनों पार्टियों ने अब तक तीन-तीन बार यह सीट जीती है. 1972 में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी और 1995 में जनता दल ने एक-एक बार विजय प्राप्त की है. 2020 के विधानसभा चुनाव में राजद उम्मीदवार अनिरुद्ध कुमार ने बीजेपी कैंडिडेट रणविजय सिंह को 20 हजार 672 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया था. वहीं 03 हजार 744 के साथ NOTA को तीसरा स्थान हासिल हुआ था.
जातीय समीकरण
इस सीट पर कुल वोटर 2.73 लाख हैं. इनमें से 1.42 लाख पुरुष मतदाता हैं. वहीं महिला मतदाताओं की संख्या 1.29 लाख है. इस सीट पर जातिगत आबादी इस तरह है.
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