)
Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी दल अपनी रणनीति सेट कर रहे हैं. चुनाव को लेकर जी मीडिया ने पटना में एक चुनावी शो किया. शो में जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपनी पार्टी को लेकर बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि हमलोग कमजोर विद्यार्थी हैं. कुछ विद्यार्थी गेस पेपर परीक्षा देते हैं और हम टेक्स्ट बुक पढ़कर एग्जाम की तैयारी में जुटे हैं. राहुल गांधी 7 दिन में पूरा बिहार नापकर चले गए. हम यही काम 3 साल से कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि मैं अब भी वहीं काम कर रहा हूं, जो करता आ रहा था. पहले दल के जीतने की रणनीति बना रहे थे. अब बिहार के बच्चों के जीतने की रणनीति बना रहे हैं. बिहार आगे कैसे बढ़े, इसके लिए रणनीति बना रहे हैं. प्रशांत किशोर ने कहा कि पार्टी जहां से कहे, वहां से चुनाव लडूंगा. नीतीश कुमार चुनाव लड़ते तो उनके खिलाफ लड़ता. पार्टी तय करेगी तो मैं किसी के भी खिलाफ चुनाव लड़ने को तैयार हूं.
प्रशांत किशोर ने कहा कि जेडीयू धीरे धीरे टूटेगी. नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे. आप भाजपाइयों से कहलवाइए. नित्यानंद राय जी यह तय करने की स्थिति में हैं कि यहां कौन मुख्यमंत्री होगा. भाजपा में दो लोग ही तय करते हैं कि बिहार का मुख्यमंत्री कौन बनेगा और उसमें नित्यानंद राय जी शामिल नहीं हैं. नीतीश बाबू अब अगले मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे. एनडीए जीतकर नहीं आ रहा है, अगर आ भी जाए तो भाजपा आगे नीतीश कुमार को चेहरा बनाएगी, ऐसा मुझे नहीं लगता.
पीके ने कहा कि अर्श या फर्श पर. हमारी पार्टी या तो टॉप पर रहेगी या फिर सबसे नीचे रहेगी. या तो 10 से कम या फिर 150 से आगे. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में मैंने 300 सीटें भाजपा के लिए अनुमान की थीं, लेकिन 240 सीटें आई थीं. उस समय मेरा अनुमान सही नहीं निकला. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार से जो लोगों से अपेक्षा थी, उस हिसाब से बिहार आगे नहीं बढ़ा. हां, नीतीश कुमार ने बिहार को लूटा नहीं. उन्हें और बेहतर करना चाहिए था. नीतीश कुमार की तुलना तेजस्वी यादव से नहीं की जा सकती.
जनसुराज के संस्थापक ने कहा कि तेजस्वी यादव तो यही चाहेंगे कि सभी नेताओं के बेटे राजनीति में आएं. इतनी ही राजनीतिक समझ उनमें बची है. वे तो चाहेंगे कि सभी नेताओं के बच्चे राजनीति में आएं, ताकि उनके राजनीति में आने को जस्टीफाई हो सके. इस हिसाब से गावस्कर का लड़का क्रिकेटर बनते, फिर तेंदुलकर, कोहली और सूर्य कुमार यादव कहां से आते.
उन्होंने कहा कि मुसलमानों को केवल अल्लाह का डर होना चाहिए, लेकिन राजनीतिक दल इनलोगों को भाजपा का डर दिखाते हैं. भाजपा क्या मुसलमानों को डरा पाएगी. आप डरकर किसी का किरासन तेल बनिएगा तो रोशनी तो होगी, लेकिन चिराग तले अंधेरा होगा. लालटेन तो राजद के पास है और लालटेन कभी बिजली से तो जलेगा नहीं.
प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि जिस समाज की जितनी संख्या है, उस समाज से उतने ही लोगों को भागीदारी दी जाएगी. मान लीजिए कि बिहार में 1000 अच्छे लोग हैं. उनमें से 243 लोगों का चुनाव कैसे करेंगे. पहला पैमाना है आपकी योग्यता. फिर उनमें जब 243 चुना जाएगा, तब हर समाज से अच्छे लोगों को निकालकर प्रतिनिधित्व दिया जाएगा.
बिहार की नवीनतम अपडेट्स के लिए ज़ी न्यूज़ से जुड़े रहें!यहाँ पढ़ें Bihar News in Hindi और पाएं Bihar latest News in Hindi हर पल की जानकारी.बिहार की हर ख़बर सबसे पहले आपके पास, क्योंकि हम रखते हैं आपको हर पल के लिए तैयार.जुड़े रहें हमारे साथ और बने रहें अपडेटेड!