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Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव में इस बिहार नीतीश कुमार को थका हुआ और बीमार मुख्यमंत्री के तौर पर विपक्ष पेश कर रहा है. राजद नेता तेजस्वी यादव और जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर उन पर लगातार निशाना साध रहे हैं. इस बीच निर्दलीय नेता सच्चिदानंद सिंह ने सीएम नीतीश कुमार को लेकर बहुत बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अभी कप्तान बदलने का वक्त नहीं आया है.
सच्चिदानंद सिंह कहा कि कप्तान बदलने का अभी समय नहीं आया है. अभी नीतीश कुमार जी मुख्यमंत्री बने रहेंगे. हर विधायक मुख्यमंत्री बनने योग्य होता है, लेकिन सब कोई तो बनता नहीं है. अगर हमारा गठबंधन मजबूत है तो मुख्यमंत्री पद की वैकेंसी पटना में नहीं है. बिहार में 2005 के बाद से जिस तरह से बिहार बदलना शुरू हुआ, 2020 के बाद से विकास में तेजी आई है. जिस तरह से काम हुआ है, उससे मुझे लगता है कि इस बार 225 सीटें मिलेंगी.
उन्होंने आगे कहा कि बिहार में आधारभूत चीजों से बिहारियों को वंचित किया गया था. बिहारी नाम गाली बनता जा रहा था. बिहारी कहते ही निगेटिव फीलिंग होने लगती थी. ऐसा नहीं है कि बिहार में अपराध ज्यादा हो रहे, बल्कि यह नेशनल औसत के आसपास ही है. पिछला 20 वर्ष पुरानी गंदगी को धोने में काफी मददगार साबित हुआ है. शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर काम हो रहा है. 2020 के बाद हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं. हर पंचायत में वेलनेस केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं. आने वाले 10 साल में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत बड़ा परिवर्तन होने वाला है.
सच्चिदानंद सिंह कहा कि 2005 में तो बिहार में सीधी गिनती शुरू हुई. हर चीज की एक अवधि होती है. हमारे पास संसाधन क्या थे. जब एनडीए ने सरकार संभाली, तब बहुत कम संसाधन थे. आज हम जिस स्थिति में हैं, अब यहां से तेजी से उड़ान भर सकते हैं. प्रशांत किशोर पढ़े लिखे हैं, लेकिन बातें बहुत करते हैं. करना भी चाहिए.
उन्होंने कहा कि 2005 के पहले अपराधी अपराध करते थे, पकड़े नहीं जाते थे. पकड़े भी जाते थे तो एक फोन से छुट जाते थे. ट्रायल नहीं होता था. 2005 के बाद से न्यायिक प्रक्रिया शुरू हुई. इसका नतीजा यह रहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को भी जेल जाना पड़ा. कौन सा क्षेत्र है, जो बिहारियों से अछूता रहा है. पब्लिक में वोट चोरी कोई मुद्दा नहीं है. मैं लोगों के बीच रहने वाला आदमी हूं. किसी के वोट चोरी तो हुए नहीं तो मुद्दा कैसे बनेगा.
पब्लिक में वोट चोरी कोई मुद्दा नहीं है. मैं लोगों के बीच रहने वाला आदमी हूं. किसी के वोट चोरी तो हुए नहीं तो मुद्दा कैसे बनेगा. राहुल गांधी आरोप लगाते हैं कि एक व्यक्ति के 3 जगह वोट हैं, तो बिना एसआईआर के ये सब कैसे हटेगा. एक तरफ पूरी दुनिया में स्थितियां विकराल हो रही हैं, उसमें आप रोजाना नई नौटंकी लेकर आ जाते हैं.
तेजस्वी यादव को आज भी बिना पढ़े लिखे वोट मिल जाता है तो उन्हें पढ़ने लिखने की क्या जरूरत.